दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना (Delhi Laxmi Yojna) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की तैयारी चल रही है। हालांकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ राजधानी की सभी महिलाओं को नहीं मिलेगा, बल्कि निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाली महिलाओं को ही इसका फायदा दिया जाएगा। दिल्ली विधानसभा में योजना पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सार्वजनिक धन का उपयोग जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि योजना को लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पात्रता संबंधी शर्तें तय की गई हैं।

इस दौरान रेखा गुप्ता ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं और इसका असर वर्तमान वित्तीय स्थिति पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ, जिसकी कीमत आज दिल्ली की जनता को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को कई वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी वह जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

CM रेखा गुप्ता ने कहा, “तुम्हारे किए गए घोटाले और कुकर्म आज दिल्ली को पीछे खींच रहे हैं। इसे दोबारा खड़ा करने में समय लगेगा। हमने महिलाओं के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बड़ा बजट दिया है, लेकिन पिछली सरकार की विरासत से भी हमें निपटना पड़ रहा है।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधानसभा में पेश की गई 19 कैग (CAG) रिपोर्टों में विभिन्न मामलों में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन रिपोर्टों से यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया और इससे दिल्ली के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। रेखा गुप्ता ने सदन में कहा कि “आम आदमी पार्टी की सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया है और उसका भुगतान आज दिल्ली की जनता को करना पड़ रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन के साथ काम कर रही है तथा जनहित की योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है।

AAP सरकार की देनदारियों का बोझ वर्तमान सरकार पर

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिजली क्षेत्र से जुड़ी बड़ी वित्तीय देनदारियां अब भी दिल्ली सरकार के सामने चुनौती बनी हुई हैं। उनके अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) से संबंधित लगभग 38 हजार करोड़ रुपये की देनदारी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़ी हुई है। रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन किए बिना खर्च और उधारी बढ़ाई, जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान सरकार को इन दायित्वों का निर्वहन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन वित्तीय प्रतिबद्धताओं का असर सरकारी संसाधनों और विकास योजनाओं पर भी पड़ता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली मेट्रो से संबंधित लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के भुगतान की जिम्मेदारी भी वर्तमान सरकार को निभानी पड़ रही है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने उन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में दिल्ली का हिस्सा समय पर नहीं दिया, जिन्हें केंद्र सरकार ने विकसित कराया था।

रेखा गुप्ता के अनुसार, उन परियोजनाओं में राज्य सरकार का जो वित्तीय योगदान होना था, उसका भुगतान अब मौजूदा सरकार को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछली वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के साथ-साथ नई जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए भी संसाधन जुटाने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद सरकार महिलाओं, छात्रों और अन्य वर्गों के लिए घोषित योजनाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद दिल्ली सरकार विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

घोटाले नहीं हुए होते तो हर बहन को 2500 रुपये दे सकते थे

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पूर्व सरकार के कार्यकाल में कथित वित्तीय अनियमितताएं नहीं हुई होतीं, तो आज सरकार राजधानी की हर महिला को आर्थिक सहायता देने की स्थिति में होती। उन्होंने सदन में कहा, “अगर ये घोटाले न हुए होते तो आज दिल्ली की हर एक बहन को 2500 रुपये देने की क्षमता दिल्ली सरकार के पास होती।” रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार ने जिन करीब 17 लाख पात्र महिलाओं को योजना का लाभ देने का वादा किया है, उसे पूरा करने के लिए वह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार अपना वादा निभाएगी और पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ हर हाल में पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने दिल्ली के संसाधनों का उपयोग राजनीतिक विस्तार के लिए किया, जबकि वर्तमान सरकार का उद्देश्य दिल्ली के राजस्व और करदाताओं के पैसे को दिल्लीवासियों के हित में खर्च करना है। उन्होंने कहा, “हम दिल्ली की जनता का पैसा दिल्ली को देंगे। हमें बाकी राज्यों की राजनीति नहीं करनी है।” दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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