हेमंत शर्मा, इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों के बीच प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बैठक के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी हरीश चौधरी के एक बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
सज्जन वर्मा को दी खास जिम्मेदारी
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा को एक दिलचस्प जिम्मेदारी सौंपी। चौधरी ने मजाकिया लेकिन सियासी लहजे में सज्जन वर्मा से कहा— “आपको भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर जाना है और उनके घर के बच्चों का भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराना है।
मध्यप्रदेश
PWD के कार्यपालन यंत्री के ठिकानों पर EOW का छापाः बालाघाट, भोपाल और छिंदवाड़ा में कार्रवाई जारी
“रजिस्ट्रेशन और सियासी टारगेटिंग पर उठे सवाल
हरीश चौधरी के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की आक्रामक घेराबंदी और सियासी टारगेटिंग की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम युवाओं पर फोकस: कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए छात्रों और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन अभियान चला रही है।
बड़ी खबरः मंत्री के करीबी को पुलिस ने भेजा जेल, जानिए क्या है मामला
प्रस्तावित दौरा
राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आ रहे हैं, जहां वे रीजनल पार्क क्षेत्र में हजारों छात्रों से सीधा संवाद करेंगे और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस की इस रणनीति का भाजपा किस अंदाज में जवाब देती है और क्या वाकई कांग्रेस नेता भाजपा दिग्गजों के घर तक रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचते हैं या नहीं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



