अंबाला के डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा ने यमुनानगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले में 40 करोड़ रुपये की लागत से 28 साइटों पर तटबंधों को मजबूत करने का काम चल रहा है।
परवेज खान, यमुनानगर। मानसून के आगामी सीजन से पहले सिंचाई विभाग ने बाढ़ से बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इन कार्यों की जमीनी हकीकत और गति को परखने के लिए अंबाला मंडल के डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा खुद मैदान में उतरे और प्रभावित इलाकों का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने यमुनानगर पहुंचकर सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण के लिए किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। पिछले मानसून के दौरान आई विनाशकारी बाढ़ से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है।
20 जून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा ने निरीक्षण के बाद बताया कि जिले में बाढ़ संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कुल 28 अलग-अलग साइटों पर काम जारी है। सिंचाई विभाग के एक्सईन (XEN) ने कमिश्नर को भरोसा दिलाया है कि मानसून की दस्तक से पहले, यानी 20 जून तक विभाग के सभी महत्वपूर्ण काम हर हाल में पूरे कर लिए जाएंगे। संजीव वर्मा ने जानकारी दी कि तटबंधों को मजबूत करने के लिए जरूरी पत्थर सभी निर्धारित साइटों पर पहुंच चुके हैं और अगले दो दिनों के भीतर पेचिंग का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
नदियों के किनारों को किया जा रहा मजबूत
इस विशेष परियोजना के तहत यमुना, सोम और पथराला नदी के संवेदनशील किनारों को पूरी मजबूती के साथ अपग्रेड किया जा रहा है ताकि पानी के तेज बहाव को रोका जा सके। पिछले साल आई बाढ़ ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई थीं और किसानों व ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इस बार समय रहते किए जा रहे इन पुख्ता इंतजामों से बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

