यमुनानगर के ताजेवाला गांव में सीएम फ्लाइंग की टीम ने छापेमारी कर पंचायती जमीन पर अवैध खनन के बड़े सबूत और पत्थरों का अवैध स्टॉक बरामद किया है।

परवेज खान,यमुनानगर। ताजेवाला गांव में अवैध माइनिंग को लेकर सीएम फ्लाइंग ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस छापेमारी के दौरान टीम को पंचायती जमीन पर अवैध खनन के पुख्ता सबूत और भारी मात्रा में पत्थरों का स्टॉक मिलने का बड़ा दावा किया गया है। मौके पर पहुंचे सीएम फ्लाइंग के इंचार्ज राजेश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि मामले में पूरी गहनता से नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, बीडीपीओ कार्तिक चौहान ने गांव में अवैध माइनिंग को पूरी तरह से रोकने की असली जिम्मेदारी स्थानीय सरपंच की बताई है। इसके विपरीत, मौजूदा सरपंच प्रतिनिधि जाकिर ने खुद पर लगे सभी आरोपों से पूरी तरह इनकार करते हुए कहा कि इस मामले की लिखित शिकायतें पहले ही विभाग को दी जा चुकी हैं।

पंचायती जमीन पर मिला अवैध स्टॉक

यमुनानगर के ताजेवाला गांव में अवैध माइनिंग को लेकर हुए इस बड़े खुलासे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। सीएम फ्लाइंग की टीम ने गांव में औचक छापा मारकर पंचायती जमीन पर चल रही अवैध गतिविधियों के कई अहम प्रमाण ढूंढ निकाले हैं। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी मात्रा में पत्थरों का अवैध स्टॉक भी बरामद किया गया है, जिसने विभाग के दावों को और मजबूत कर दिया है। सीएम फ्लाइंग के इंचार्ज राजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि पंचायती जमीन पर अवैध काम के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं और जो भी कड़ी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह बिना किसी देरी के अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि टीम को मौके पर कई ऐसे ठोस संकेत मिले हैं जो सीधे तौर पर बड़े स्तर पर की जा रही अवैध माइनिंग की तरफ इशारा करते हैं।

निशानदेही के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

इस संवेदनशील मामले में बीडीपीओ कार्तिक चौहान का एक बड़ा आधिकारिक बयान भी सबके सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायती जमीन पर फैली अवैध माइनिंग की पूरी तकनीकी निशानदेही करवाई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। कार्तिक चौहान ने यह भी याद दिलाया कि गांव के भीतर होने वाली किसी भी अवैध माइनिंग को समय पर रोकना सीधे तौर पर पंचायत की जिम्मेदारी के दायरे में आता है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में पंचायत की भूमिका भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। दूसरी तरफ, सरपंच प्रतिनिधि जाकिर इन आरोपों को मानने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर गांव में कहीं भी माइनिंग हुई है, तो उसकी शिकायत खुद उन्होंने पुलिस को देकर मामले दर्ज करवाए हैं।