हरियाणा के यमुनानगर में एक 13 वर्षीय मासूम छात्र ने पढ़ाई के दबाव और मां की डांट से परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पेरेंटिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। यमुनानगरशहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। खेलने-कूदने और स्कूल बैग लेकर घर से निकलने की उम्र में 13 साल के मासूम ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसके बाद पूरे परिवार की दुनिया उजड़ गई। घर में अब सिर्फ चीखें हैं, आंसू हैं और एक मां की वो टूट चुकी आवाज… जो बार-बार बस यही कह रही है— “काश उस दिन मैं उसे डांटती नहीं…”
मामला गांधी नगर इलाके का है। मृतक की पहचान 13 वर्षीय निखिल के रूप में हुई है, जो 5वीं कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। पिता काम पर गए हुए थे। मां अस्पताल दवाई लेने गई थी, जबकि भाई-बहन स्कूल गए हुए थे। घर में अकेला निखिल पता नहीं किस बात को मन में दबाए बैठा था।
जब मां अस्पताल से वापस लौटी तो घर का दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। टीन शेड की हुक से उसका बेटा फंदे पर लटका हुआ था। मां चीखती रही, पड़ोसी दौड़ते हुए पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। देखते ही देखते पूरे इलाके में मातम फैल गया।
परिजनों के मुताबिक, तीन-चार दिन पहले निखिल को पढ़ाई को लेकर डांटा गया था। मां का कहना है कि बेटा पढ़ाई में थोड़ा कमजोर था और इसी बात को लेकर उसे फटकार लगाई गई थी। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि मासूम बच्चा उस बात को दिल पर लगा लेगा।
जिस बच्चे की कॉपियों में अभी ठीक से सपने भी पूरे नहीं लिखे गए थे, उसने जिंदगी का आखिरी फैसला लिख दिया। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार बेटे को याद कर बेसुध हो रही है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना के बाद सदमे में हैं।
सूचना मिलते ही गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बच्चों पर पढ़ाई और प्रदर्शन का दबाव कितना भारी पड़ रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों को डांटने की बजाय उनसे बातचीत करना ज्यादा जरूरी है, क्योंकि कई बार मासूम मन छोटी बात को भी बहुत बड़ा बना लेता है।

