यमुनानगर। स्कूल पहुंचने में महज 10 मिनट की देरी 11वीं कक्षा के एक छात्र को भारी पड़ गई। आरोप है कि सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य ने पहले छात्र को ऐसी सजा दी, जिसे करने से उसने इनकार कर दिया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने कथित तौर पर छात्र के दोनों कानों पर 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए। मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है और पुलिस ने प्रधानाचार्य के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ब्राह्मण चौक निवासी शशिधर ने 30 जुलाई को जगाधरी शहर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनका बेटा कृष्णा शर्मा सरकारी स्कूल जगाधरी में 11वीं कक्षा में पढ़ता है। 30 जुलाई की सुबह वह स्कूल पहुंचा था और निर्धारित समय से करीब 10 मिनट देर हो गई थी।

शिकायत के मुताबिक, देरी से पहुंचने पर प्रधानाचार्य ने छात्र को दंड के तौर पर स्कूल परिसर के मैदान की सफाई करने और कूड़ा उठाने के लिए कहा। छात्र ने यह काम करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज होकर प्रधानाचार्य ने उसके दोनों कानों पर करीब 15 से 20 थप्पड़ मार दिए।

थप्पड़ के बाद कान से सुनाई देना हुआ कम

छात्र के पिता का आरोप है कि प्रधानाचार्य ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी। थप्पड़ लगने के बाद छात्र के एक कान से सुनाई देने में कमी महसूस हुई। इसके बाद परिजनों ने उसका मेडिकल कराया और रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी।

मेडिकल जांच में छात्र के शरीर पर एक चोट दर्ज होने की बात सामने आई है। चोट की प्रकृति स्पष्ट करने के लिए पुलिस ने मेडिकल बोर्ड गठित कराया है।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच

जगाधरी शहर थाना पुलिस ने छात्र के पिता की शिकायत और मेडिकल जांच के आधार पर प्रधानाचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस घटना की परिस्थितियों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि छात्र को थप्पड़ मारने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ था।