हेमंत शर्मा, इंदौर। ड्रग्स मामले में पुलिस पूछताछ के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी ने कई बड़े दावे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि करीब तीन साल पहले तक वे ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने न सिर्फ ड्रग्स बल्कि शराब तक को पूरी तरह छोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को उनके खिलाफ बनाया गया केस बताया।
मेरी गलती इतनी है कि मैं जीतू का भाई हूं
नाना पटवारी ने कहा, “मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि मैं जीतू पटवारी का भाई हूं। मैं अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए देने जा रहा था, तभी सन सिटी कॉलोनी के गेट से पुलिस मुझे अपने साथ ले गई। पूरे दिन शहर में घुमाती रही, लेकिन यह तक नहीं बताया कि आखिर मुझे किस मामले में पकड़ा गया है। थाने में सिर्फ मेरा नाम पूछा गया और कहा गया कि बाद में पता चल जाएगा।”
उन्होंने कहा, “जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनसे इस मामले में मेरी कोई बातचीत या संबंध नहीं है। संजय कौशल और इरफान हमारे कार्यकर्ता हैं और चुनाव में काम कर चुके हैं। मेरी गाड़ी संजय के यहां धुलती है और गोलू वहीं काम करता है। जिस स्कॉर्पियो की बात हो रही है, वह संजय कौशल की है। उसमें जो भी सामान मिला है, उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस के सभी आरोपों का मैं खंडन करता हूं।”
न ड्रग्स लेता और न ही शराब को हाथ लगाता हूं
नाना पटवारी का सबसे बड़ा बयान तब सामने आया, जब उन्होंने कहा मैं तीन साल पहले तक ड्रग्स लेता था, लेकिन उसके बाद से पूरी तरह दूर हूं। अब न ड्रग्स लेता हूं और न ही शराब को हाथ लगाता हूं। वहीं, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, इससे ज्यादा साफ बात और क्या हो सकती है। हमें पहले से पता है कि हमारे ऊपर हर तरह की यातनाएं होंगी। अगर मुख्यमंत्री मेरे परिवार को परेशान करना चाहते हैं तो हम उसके लिए भी तैयार हैं। जरूरत पड़ी तो जेल जाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन डरने वाले नहीं हैं।
नाना पटवारी के खिलाफ 9 मामले दर्ज
उधर, जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार ने कहा कि नाना पटवारी के खिलाफ 9 मामले दर्ज हैं, लेकिन उनमें से 5 मामले किसानों के आंदोलन से जुड़े हैं, 2 मामले चुनाव के दौरान थाने के घेराव से संबंधित हैं, जिनमें नाना पटवारी शामिल नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि एक मामला जमीन विवाद का था, जिसमें नाना पटवारी और भरत पटवारी को जमानत मिल चुकी है, जबकि 9 में से 2 मामलों में नाना पटवारी पहले ही बरी हो चुके हैं। फिलहाल ड्रग्स मामले में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस अपने स्तर पर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है, जबकि नाना पटवारी और जीतू पटवारी ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक प्रताड़ना और उनके खिलाफ रची गई कार्रवाई बताया है।
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