विनोद सैनी, हिसार। बालसमंद में भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के न्यायसंगत अधिकारों को लेकर रविवार शाम बालसमंद में किसानों एवं ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की सिंचाई एवं पेयजल समस्याओं, बरवाला ब्रांच को उसकी स्वीकृत क्षमता के अनुसार पूरा पानी उपलब्ध कराने, लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने तथा आगामी किसान आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया।
भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के साथ वर्षों से अन्याय
बैठक को संबोधित करते हुए पारस लौरा ने कहा कि भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के साथ वर्षों से अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि खनौरी हेड से बरवाला ब्रांच की स्वीकृत क्षमता 1725 क्यूसेक है, लेकिन वर्षों से लगभग 1500 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। इसका सबसे अधिक नुकसान बरवाला ब्रांच के टेल क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ रहा है। अनेक गांव आज भी अपने स्वीकृत हिस्से के पानी से वंचित हैं।
हाँसी और जींद यमुना कमांड एरिया में
उन्होंने कहा कि हाँसी और जींद यमुना कमांड एरिया में आते हैं। यदि उन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता है तो उसका समाधान यमुना प्रणाली से किया जाना चाहिए। भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के स्वीकृत हिस्से के पानी पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी क्षेत्र का हक छीनने के लिए नहीं, बल्कि भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों को उनका वैध एवं स्वीकृत अधिकार दिलाने के लिए शुरू किया गया है।
स्वीकृत क्षमता के अनुसार पूरा पानी देना
पारस लौरा ने कहा कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों में बरवाला ब्रांच को उसकी स्वीकृत क्षमता के अनुसार पूरा पानी देना, बरवाला ब्रांच एवं बालसमंद सब ब्रांच की रीमॉडलिंग, किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ना, बसड़ा नंबर-2 परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देना तथा लंबित सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को पूरे हिसार और भिवानी जिले में व्यापक रूप दिया जाएगा।
किसानों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं
संदीप धिरनवास ने कहा कि किसानों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार को पहले भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों को उनका पूरा हक देना चाहिए। यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
यह संघर्ष किसी क्षेत्र या किसी किसान के खिलाफ नहीं
कुरड़ा राम नंबरदार ने कहा कि यह संघर्ष किसी क्षेत्र या किसी किसान के खिलाफ नहीं है। यह केवल अपने वैध अधिकारों और क्षेत्र के विकास की लड़ाई है। उन्होंने सभी किसान संगठनों, पंचायतों, युवाओं एवं ग्रामीणों से एकजुट होकर इस आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा और बड़े स्तर पर जनसमर्थन जुटाया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बालसमंद से शुरू हुए इस जनआंदोलन को अब हिसार और भिवानी जिले के प्रत्येक गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर बैठकें, जनसंपर्क अभियान, किसान सभाएं, महापंचायतें एवं सांकेतिक धरनों का आयोजन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर पर बड़े आंदोलन की भी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बैठक में क्षेत्र के कई प्रमुख लोग शामिल
बैठक में क्षेत्र के कई प्रमुख लोग शामिल हुए। इनमें कुरड़ा राम नंबरदार, पारस लौरा, अनिल लौरा, वीरेंद्र पूनिया, अनिल गोरछी, दलबीर सिंह (भिवानी रोहिल्ला), प्रह्लाद सुंडावास, राजकुमार लौरा, रमेश डोभी, संदीप धिरनवास, ओम गढ़वाल (बांडा हेडी) और अनिल शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण एवं युवा बैठक में शामिल हुए और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

संघर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक
बैठक के अंत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यह संघर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक रहेगा। जब तक भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों को उनका स्वीकृत एवं न्यायसंगत अधिकार नहीं मिलता और क्षेत्र की लंबित सिंचाई एवं पेयजल योजनाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
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