अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफों को स्वीकार किया जाएगा या नहीं. साथ ही,वित्तीय व्यवस्था में व्यापक बदलावों को लेकर भी चर्चाएं तेज है.

इसे भी पढ़ें- नायक होने की पहली शर्त है, यादव होना! ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, जानिए सुभसपा प्रमुख ने क्यों कहा ऐसा?

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और बैंकिंग कार्यों का करार समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है. संभावना जताई जा रही है कि खातों और वित्तीय संचालन को किसी अन्य सरकारी या निजी बैंक को सौंपा जा सकता है. बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती, लेखा-जोखा और वित्तीय प्रबंधन को पूरी तरह पेशेवर ढांचे में लाने की तैयारी है. इसके लिए स्थायी चार्टर्ड अकाउंटेंट, मैनेजमेंट ग्रेजुएट, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों और अनुभवी बैंक कर्मचारियों की नियुक्ति की जा सकती है, जबकि आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने पर भी विचार किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें- मुद्दा उठाओगे तो जांच के घेरे में आओगे! राम मंदिर चढ़ावा मामले में VHP अध्यक्ष की बड़ी मांग, केजरीवाल, प्रियंका गांधी और रामगोपाल यादव के बयान को लेकर जो कहा…

सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़े संस्थागत बदलावों पर मंथन कर रहा है. हालांकि, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों तथा एसबीआई के साथ करार समाप्त करने संबंधी किसी भी निर्णय की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, जहां कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं और पूरे प्रकरण की आगे की दिशा तय हो सकती है.