दुर्ग। जिले में स्वाइन फ्लू का मामला तेजी से बढ़ने लगा है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए जिला अस्पताल दुर्ग में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा सिविल अस्पताल सुपेला में भी यह सुविधा होगी।

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पिछले 28 दिनों में जिले कुल 17 स्वाइन फ्लू धनात्मक प्रकरण मिले है। वर्तमान में में दुर्ग जिले में कुल 9 एक्टिव मरीज है। जिनका विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकीय उपचार चल रहा है जिनकी स्थिति अभी सामान्य है। ये मरीज सेक्टर 9 भिलाई, बीएम शाह, हाईटेक हॉस्पिटल व सुयश अस्पताल रायपुर में 1-1, रामकृष्ण हॉस्पिटल रायपुर में 3 मरीज का उपचार चल रहा है। वहीं 2 मरीज होम आइसोलेटेड है। 8 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है।

जिले में स्वाइन फ्लू के संबंध में कलेक्टर के निर्देशानुसार डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग, डॉ. सीबीएस बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, आईडीएसपी एवं भूमिका वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम, दुर्ग के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। जिले में नए धनात्मक प्रकरण मिलने पर लगातार कांटेक्ट ट्रेसिंग की रही है। उसकी नियमित मोनिटरिंग हो रही है।

बता दें कि जिले में स्वाइन फ्लू का पहला मामला 5 अगस्त को सामने आया। स्वाइन फ्लू में अचानक तेज बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और नाक बहना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। खासकर छोटे बच्चों में लगातार बुखार, सांस लेने में दिक्कत या स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य बुखार मानकर घर पर लंबे समय तक उपचार नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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