आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और मशहूर कोचिंग शिक्षक अवध ओझा एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक यूट्यूब पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने पाकिस्तान, मुसलमानों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने चुनावी अनुभव को लेकर टिप्पणियां कीं, जिनमें से कुछ विवादित भी रहे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
’22 करोड़ मुसलमान नमाज पढ़ रहे, फिर भी सरकार नहीं गिर रही’
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान से जुड़े सवाल के जवाब में अवध ओझा ने कहा कि देश में पाकिस्तान और मुसलमानों के नाम पर राजनीति होती है। उन्होंने दावा किया, “22 करोड़ मुसलमान मोदी सरकार को गिराने के लिए नमाज पढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार नहीं गिर रही। इसी वजह से वे खुद परेशान हैं कि आखिर दिक्कत कहां है।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग मुसलमानों को लेकर बेवजह ताली बजाते हैं, जबकि “वे पहले से ही परेशान हैं।”
‘पाकिस्तान नहीं, चीन से मुकाबला करना चाहिए’
ओझा ने पाकिस्तान को “भूखा-नंगा देश” बताते हुए कहा कि भारत को उससे लड़ने के बजाय चीन जैसी बड़ी ताकत से मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “झोपड़पट्टी में डकैती करने कूदोगे तो क्या मिलेगा? अगर लड़ना ही है तो चीन से लड़ो।”
उन्होंने कहा कि नेताओं को जनता से तालियां चाहिए होती हैं। उनके मुताबिक, यदि नेता आर्थिक मुद्दों पर बात करें तो लोग रुचि नहीं लेते, लेकिन जैसे ही पाकिस्तान का नाम लिया जाता है, भीड़ तालियां बजाने लगती है। ओझा ने इसे भारतीय राजनीति की एक प्रवृत्ति बताया।
पटपड़गंज चुनाव हारने पर क्या बोले?
पटपड़गंज विधानसभा चुनाव में अपनी हार पर ओझा ने कहा कि वह खुद को “हारा हुआ नहीं, रनर” मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से हारे। ओझा के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी के उनके विरोधी के पैर छूने से चुनावी माहौल बदल गया और इसका सीधा असर नतीजों पर पड़ा।
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