राजधानी दिल्ली की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शहरभर में करीब 270 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 657 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में लिया गया। सरकार ने सड़कों की मरम्मत का काम जल्द पूरा करने के लिए इस साल अक्टूबर तक की समय सीमा तय की है। योजना के तहत खराब और जर्जर सड़कों की पहचान कर उनकी मरम्मत की जाएगी, जिससे लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। सरकार का कहना है कि सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और यात्रियों की सुविधा बढ़ाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार ने सड़कों के सुधार कार्य को पूरा करने के लिए इस साल अक्टूबर तक की समय सीमा तय की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क मरम्मत कार्य के दौरान प्रगति की निगरानी के लिए समय-समय पर फोटोग्राफ भी अपलोड किए जाएं, ताकि काम की गुणवत्ता और स्थिति की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सके। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नई सड़कें 5 साल की वारंटी अवधि के साथ बनाई जाएंगी। इस अवधि के दौरान यदि सड़क में किसी तरह की खराबी या गड्ढे की समस्या सामने आती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। ठेकेदार को ही खराब सड़क की मरम्मत करानी होगी। इस परियोजना के तहत उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों को आधुनिक और टिकाऊ बनाया जाएगा।

नॉर्थ दिल्ली की इन सड़कों का होगा सुधार

प्रोजेक्ट के तहत नॉर्थ दिल्ली में पंखा रोड (भगवान मंदिर मार्ग), सतगुरु राम सिंह मार्ग, लाला गणेश दास खत्री मार्ग, मेजर सुदेश मार्ग और ओल्ड पंखा रोड का कायाकल्प किया जाएगा।

साउथ दिल्ली में इन सड़कों को मिलेगी नई पहचान

साउथ दिल्ली में एसएसएन मार्ग, मंडी रोड, बारापुल्ला एलिवेटेड रोड (फेज-I) और नेल्सन मंडेला मार्ग को आधुनिक तकनीक के साथ मजबूत और टिकाऊ बनाया जाएगा।

गुणवत्ता निगरानी के लिए होगी ऑडिट व्यवस्था

सरकार ने सड़क निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जियो-टैग फोटोग्राफ अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए सीआरआरआई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर द्वारा ऑडिट भी कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के तय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने परियोजना के लिए बजट का विभाजन भी तय किया है। ईस्ट दिल्ली की सड़कों के लिए 147.08 करोड़ रुपये ,नॉर्थ दिल्ली की सड़कों के लिए 247.31 करोड़ रुपये , साउथ दिल्ली की सड़कों के लिए 263.61 करोड़ रुपये ।

दिल्ली में सड़कों के कायाकल्प प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार पारदर्शिता के साथ मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली सड़कें बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई सड़कों का निर्माण 5 साल की वारंटी अवधि के साथ कराया जाएगा। इस अवधि में सड़क की देखभाल और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। उन्होंने कहा कि यदि वारंटी अवधि के दौरान सड़क पर कोई गड्ढा या खराबी सामने आती है तो ठेकेदार को उसे 48 घंटे के भीतर ठीक करना होगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता बनी रहे और लोगों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिले। सीएम ने कहा कि सड़क परियोजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके।

धीरपुर में अंबेडकर यूनिवर्सिटी के अत्याधुनिक परिसर को मंजूरी

धीरपुर में डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के अत्याधुनिक नए परिसर के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना पर करीब 1,668 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नया परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें अत्याधुनिक एकेडमिक ब्लॉक, सेंट्रल लाइब्रेरी, 840 छात्रों के लिए हॉस्टल, 2,500 सीटों वाला भव्य ऑडिटोरियम और खेल सुविधाएं शामिल होंगी। सरकार के अनुसार, पहले चरण में यह कैंपस करीब 5,400 विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और शोध के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

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