रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रेंज साइबर सेल की टीम को ऑपरेशन साइबर सील्ड के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने करोड़ों रूपए के डिजिटल अरेस्ट और सायबर फ्रॉड के 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बड़े शातिराना तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।

क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर 1.25 करोड़ की ठगी

पहला मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर सपन कुमार को अपने झांसे में लिया। इसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रींग का झूठा मामला दर्ज होने की बात कहकर 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर किया और 1.25 करोड़ रुपए ठग लिए।

मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की राशि को विभिन्न लेयर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है, जिसके बाद उन खातों को होल्ड कराया गया। आगे की कार्रवाई करते हुए कोर्ट की प्रक्रिया के जरिए 60 लाख की राशि लगभग पीड़ित को वापस कराई जा चुकी है।

जांच के दौरान मामले में संलिप्त मुख्य आरोपियों की पहचान भी हो गई। आरोपी घटना के बाद से लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। इसके बाद भी टीम ने आरोपी आर्यन सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया। मामले में पहले भी एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

डिजिटल अरेस्ट कर 42 लाख की धोखाधड़ी

दूसरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां भी आरोपियों ने पुष्पा अग्रवाल को फोन कर खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और सीबीआई में झूठा मामला दर्ज होने की बात कहकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर 24 घंटे के लिए डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इस दौरान उससे लगभग 42 लाख की धोखाधड़ी कर ली गई।

मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरु की। आरोपी घटना के बाद से लगातार अपना लोकेशन बदल रहा था। इसके बाद भी टीम ने आरोपी जितेंद्र कुमार को हुबली कर्नाटका से गिरफ्तार कर लिया, जो कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कार्य करता है।

36 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी

तीसरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां धारा-317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के पीड़ितों के साथ 36 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है, जिसमें उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के 104 म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम संलिप्त हैं। इस अपराध की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर में की जा रही है।

जांच के बाद पूर्व में म्यूल बैंक खातों का विश्लेषण कर अपराध से जुड़े 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक एवं मोबाइल सिम सर्विस जारी करने वाली कंपनियों से मिले दस्तावेजों तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आरोपी राजदीप सिंह भाटिया को पूर्व में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

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