Weather news: बिहार में इन दिनों मानसून सक्रिय होने के बावजूद झमाझम बारिश देखने को नहीं मिल रही है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने के कारण उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज राज्य के केवल 5 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि शेष 33 जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा। इन इलाकों में धूप और छांव का सिलसिला जारी रहने के अनुमान के साथ ही उमस का अहसास अधिक रहेगा।
पिछले 24 घंटों का हाल और उमस की मुख्य वजह
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के मधेपुरा और समस्तीपुर जिलों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई। वहीं, राजधानी पटना में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन बीच-बीच में धूप निकलने से उमस और चिपचिपी गर्मी की स्थिति बनी रही।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के सीजन में वातावरण में नमी की मात्रा काफी बढ़ जाती है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं जब बिहार पहुंचती हैं, तो हवा में ह्यूमिडिटी का स्तर ऊंचा हो जाता है। जब पर्याप्त बारिश नहीं होती और तापमान बढ़ता है, तो शरीर का पसीना नहीं सूख पाता है। यही वजह है कि बादलों के छाए रहने के बावजूद लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी और बेचैनी महसूस होती है।
पटना का मौसम: बादलों की लुकाछिपी और उमस का प्रकोप
राजधानी पटना में आज का दिन मुख्य रूप से उमस भरा रहने की संभावना है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन तेज और लगातार बारिश के आसार फिलहाल बेहद कम हैं। दिन के समय धूप और बादलों की आवाजाही के बीच चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि, शाम के समय स्थानीय स्तर पर बादलों के निर्माण से हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ने की उम्मीद जरूर जताई जा रही है।
राज्य में अब तक 36% कम बारिश ने बढ़ाई चिंता
इस मानसून सीजन में बिहार को सूखे जैसी स्थिति और कृषि संकट का सामना करना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक सामान्य से लगभग 36% कम बारिश दर्ज की गई है। वर्षा में आई इस भारी कमी का सीधा असर धान की खेती और भूजल स्तर (वाटर टेबल) पर पड़ रहा है। किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि मानसून की सक्रियता में तेजी आती है, तो बारिश की इस कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकेगा।


