Lalluram Lifestyle Desk. अगर आप चश्मा पहनते हैं तो उसे साफ करना आपकी रोजमर्रा की आदत का हिस्सा होगा। लेंस पर उंगलियों के निशान, धूल या दाग दिखे नहीं कि हम तुरंत उसे शर्ट, टिशू या आसपास मौजूद किसी कपड़े से साफ कर लेते हैं। देखने में यह तरीका आसान लगता है, लेकिन चश्मे के लेंस के लिए यह आदत नुकसानदायक हो सकती है।

आजकल ज्यादातर चश्मों के लेंस पर एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग होती है। यह कोटिंग लेंस पर पड़ने वाली चमक और रिफ्लेक्शन को कम करने में मदद करती है। यह काफी नाजुक होती है और गलत तरीके से सफाई करने पर खराब हो सकती है। एक बार कोटिंग पर खरोंच आ जाए या वह उतरने लगे तो उसे सामान्य तरीके से ठीक करना संभव नहीं होता। ऐसे में लेंस बदलवाने की जरूरत पड़ सकती है।इसलिए चश्मा साफ करते समय इन 5 आम गलतियों से बचना जरूरी है।

सिरका या एसिडिक घरेलू क्लीनर न लगाएं

इंटरनेट पर सिरके को चश्मा साफ करने का आसान और प्राकृतिक तरीका बताया जाता है, लेकिन लेंस के लिए यह अच्छा विकल्प नहीं माना जाता। सिरके में मौजूद एसिड एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग को नुकसान पहुंचा सकता है।इसी तरह नींबू का रस या दूसरे एसिड वाले घरेलू क्लीनर का इस्तेमाल भी लेंस पर नहीं करना चाहिए। कुछ लोग पुरानी कोटिंग हटाने के लिए सिरके का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे लेंस की सतह को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।

टिशू, नैपकिन और पेपर टॉवल से बचें

टिशू पेपर, नैपकिन और पेपर टॉवल देखने में काफी मुलायम लगते हैं, लेकिन इनके रेशे लेंस पर बारीक खरोंच डाल सकते हैं। खासकर तब, जब लेंस पर पहले से धूल या छोटे कण मौजूद हों।सूखे टिशू से लेंस रगड़ने पर ये कण घर्षण पैदा कर सकते हैं और धीरे-धीरे कोटिंग खराब हो सकती है। इसलिए चश्मे की सफाई के लिए माइक्रोफाइबर कपड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है।

शर्ट या किसी भी कपड़े से लेंस न रगड़ें

चश्मा साफ करने के लिए शर्ट या टी-शर्ट का किनारा इस्तेमाल करना सबसे आम आदतों में से एक है। लेकिन कपड़ों पर दिनभर की धूल और छोटे कण जमा हो सकते हैं।जब इन्हीं कपड़ों से लेंस को रगड़ा जाता है तो धूल के कण लेंस की सतह पर बारीक खरोंच डाल सकते हैं। अगर आसपास माइक्रोफाइबर कपड़ा नहीं है, तो पहले लेंस को साफ पानी से धो लेना बेहतर है। इससे धूल और छोटे कण हट जाएंगे और रगड़ से होने वाले नुकसान का खतरा कम होगा।

ग्लास क्लीनर, अमोनिया या अल्कोहल वाले स्प्रे न इस्तेमाल करें

खिड़कियों और शीशों की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला ग्लास क्लीनर चश्मे के लेंस के लिए जरूरी नहीं कि सुरक्षित हो। इनमें अमोनिया या दूसरे तेज रसायन हो सकते हैं, जो लेंस की एंटी-रिफ्लेक्टिव और अन्य कोटिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं।अल्कोहल वाले स्प्रे का बार-बार इस्तेमाल भी कुछ खास लेंस या सनग्लास की कोटिंग को प्रभावित कर सकता है। इसके बजाय चश्मे के लिए बने आईग्लास क्लीनिंग स्प्रे का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।

बहुत गर्म पानी से चश्मा न धोएं

कुछ लोगों को लगता है कि गर्म पानी से चश्मा ज्यादा अच्छी तरह साफ होगा, लेकिन बहुत गर्म पानी लेंस या उसकी कोटिंग को नुकसान पहुंचा सकता है। नुकसान हमेशा तुरंत दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है।चश्मा धोने के लिए सामान्य तापमान या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। इसके बाद माइक्रोफाइबर कपड़े से लेंस को धीरे से सुखाएं।

सही तरीके से चश्मा कैसे साफ करें?

सबसे पहले लेंस को सामान्य पानी से धोकर धूल और छोटे कण हटा दें। इसके बाद जरूरत के अनुसार चश्मे के लिए बने क्लीनिंग सॉल्यूशन या हल्के डिश सोप और पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। अंत में साफ माइक्रोफाइबर कपड़े से लेंस को बिना ज्यादा दबाव डाले पोंछें।

याद रखें चश्मे की सफाई में जल्दबाजी या गलत घरेलू नुस्खा लेंस की कोटिंग को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए शर्ट, टिशू, सिरका, तेज केमिकल वाले क्लीनर और बहुत गर्म पानी से बचना ही बेहतर है।

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