गाजियाबाद. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से देहरादून जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. यूपी रोडवेज की देहरादून रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने की योजना को फिलहाल झटका लगा है. बस संचालन के टाइम स्लॉट बढ़ाने को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यूपी की ओर से 26 टाइम स्लॉट की मांग रखी गई, लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम ने फिलहाल सिर्फ 5 टाइम स्लॉट देने पर सहमति जताई है.

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26 टाइम स्लॉट की मांग, सिर्फ 5 पर बनी सहमति

बैठक में गाजियाबाद, मेरठ और सहारनपुर रीजन से देहरादून के लिए बसों के संचालन को बढ़ाने पर चर्चा हुई. यूपी रोडवेज ने कुल 26 अतिरिक्त टाइम स्लॉट मांगे थे, ताकि देहरादून रूट पर यात्रियों को अधिक बसों की सुविधा मिल सके. हालांकि, उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से फिलहाल केवल 5 स्लॉट देने की सहमति जताई गई है.

अधिकारियों के मुताबिक, बैठक के बाद इन 5 टाइम स्लॉट को लेकर लिखित सहमति भी अभी तक यूपी रोडवेज को नहीं मिली है. ऐसे में बसों का संचालन बढ़ाने की योजना अधर में लटकी हुई है.

एमओयू के तहत 113 बसों का परमिट, चल रही हैं सिर्फ 65

मामले में सबसे अहम बात यह है कि दोनों राज्यों के बीच हुए एमओयू के तहत देहरादून रूट पर उत्तर प्रदेश के हिस्से में 113 बसों के संचालन का परमिट है. इसके बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न रीजन से फिलहाल केवल 65 बसें ही देहरादून के लिए संचालित हो रही हैं.

सहारनपुर रीजन के आरएम योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रोडवेज लगातार प्रयास कर रहा है कि देहरादून रूट पर ज्यादा बसों का संचालन हो सके. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से पर्याप्त टाइम स्लॉट देने में आनाकानी की जा रही है.

देहरादून में साहिबाबाद डिपो की दो ई-बसें रोकी गईं

मामला तब और गंभीर हो गया जब साहिबाबाद डिपो की दो नई ई-बसों को देहरादून आईएसबीटी रूट पर रोक दिया गया. ये दोनों ई-बसें फिलहाल आगरा और मथुरा रूट पर संचालित की जा रही हैं. परमिट उपलब्ध होने के बावजूद पर्याप्त टाइम स्लॉट नहीं मिलने के कारण यूपी रोडवेज सभी स्वीकृत बसों का संचालन देहरादून रूट पर नहीं कर पा रहा है.

दो-तीन दिन बाद मुख्यालय स्तर पर होगा फैसला

आरएम योगेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, यूपी रोडवेज फिलहाल दो-तीन दिन इंतजार करेगा. यदि उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से टाइम स्लॉट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती है तो इसके बाद मुख्यालय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा.

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इस पूरे मामले में अब यात्रियों की नजर दोनों राज्यों के परिवहन निगमों के अगले फैसले पर है. यदि अतिरिक्त टाइम स्लॉट मिलते हैं तो गाजियाबाद, मेरठ और सहारनपुर से देहरादून के लिए बसों की संख्या बढ़ सकती है और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है.