इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे में B.Tech के दूसरे साल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली. छात्र की कथित आत्महत्या के मामले में संस्थान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत FIR दर्ज की गई है. IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद हॉस्टल के अपने कमरे में आत्महत्या कर ली. छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि साहिल के साथ जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल होता था.
छात्र के माता-पिता की शिकायत पर पवई थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC एवं ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया.
IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है. साहिल के पिता ने शिक्षक सूर्यनारायण दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि शिक्षक ने साहिल के साथ जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल किया और उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी.
शिकायत के मुताबिक, साहिल को पिछले करीब तीन महीनों से जातिसूचक गालियां दी जा रही थीं. पिता ने फैकल्टी टीचर, उनके वरिष्ठ अधिकारियों और आईआईटी के कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत की है.
पुलिस अधिकारी के अनुसार, छात्र के माता-पिता यवतमाल से मुंबई पहुंचे और दावा किया कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न एवं जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था. हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
पिता का आरोप है कि उनके बेटे को संस्थान में लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने दावा किया कि जातिसूचक टिप्पणियों और धमकियों की वजह से साहिल परेशान था.
साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech सेकंड ईयर का छात्र था. एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, IIT के कैंपस में होने वाले 6% मामलों में सुसाइड का मुख्य कारण भेदभाव होता है.
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