दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक बंद कार में मिले तीन लोगों के शवों के मामले में बड़ी सफलता पाई है। बुधवार को पुलिस ने तांत्रिक और मौलाना कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया है और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर खड़ी एक कार के अंदर रणधीर (76), शिव नरेश सिंह (47) और लक्ष्मी देवी (40) मृत पाए गए थे। रणधीर ड्राइवर सीट पर और अन्य दो पीछे की सीट पर बैठे हुए थे। जांच में पता चला है कि कमरुद्दीन ने पैसों के लालच में तीनों को जहर दिया और उनकी जान ले ली। पुलिस ने इसे ट्रिपल मर्डर करार दिया है और आरोपी से हत्या के पीछे की पूरी योजना का खुलासा करने के लिए पूछताछ शुरू कर दी है।

जहर देकर मर्डर, फिर पैसे लेकर फरार हो जाता था बाबा

दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कमरुद्दीन उर्फ बाबा, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले हैं, लोनी और फिरोजाबाद में तांत्रिक केंद्र चलाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को अचानक पैसे मिलने का लालच देता था। तंत्र-मंत्र और पूजा के बहाने वह पहले पीड़ितों का भरोसा जीतता, फिर उन्हें जहर मिले लड्डू खिलाकर मार देता और उनके पैसे व कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।

8 फरवरी को कार में मिली थीं तीन लाशें

8 फरवरी 2026 को पश्चिम विहार ईस्ट थाना पुलिस को PCR कॉल मिली कि एक सफेद कार में तीन लोग बेहोश हालत में पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि 76 वर्षीय रणधीर ड्राइवर सीट पर थे, 42 वर्षीय शिव नरेश बाहर निकाले गए थे और 40 वर्षीय लक्ष्मी कार के अंदर पड़ी हुई थीं। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है। वे हैं रणधीर, उम्र 76 साल, निवासी बापरोला, शिव नरेश, उम्र 42 साल, निवासी नांगली डेयरी, प्रॉपर्टी डीलर, लक्ष्मी, उम्र 40 साल, निवासी जहांगीरपुरी

कार में मिली थीं शराब की बोतलें, कैश और अन्य सामान

कार में पाए गए तीनों शवों को तुरंत संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कार की तलाशी ली, जिसमें कई महत्वपूर्ण सामान बरामद हुए शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक और खाली गिलास, मोबाइल फोन, नकदी, हेलमेट और जैकेट, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज इन सबूतों की जांच कर पुलिस ने हत्या के कारण और आरोपी तक पहुंचने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।

कार में तीन शव मिलने के बाद पुलिस ने शुरू में आत्महत्या का शक जताया था। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने सुसाइड की संभावना को पूरी तरह से खारिज किया और उनकी मौत को संदिग्ध बताया। जांच और तकनीकी पूछताछ में पता चला कि तीनों मृतक तांत्रिक कमरुद्दीन के संपर्क में थे। उसने उन्हें पूजा और तंत्र-मंत्र के जरिए पैसों की बारिश का भरोसा दिलाया था।

जांच में यह भी सामने आया कि तीनों मृतक और कमरुद्दीन घटना वाले दिन और उससे एक दिन पहले लोनी, गाजियाबाद गए थे। कार में एक चौथा व्यक्ति भी मौजूद था, जिसकी पहचान बाद में कमरुद्दीन के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोनी से कार में बैठा और वारदात के बाद कार छोड़कर फरार हो गया।

पूजा के लिए कमरुद्दीन ने मंगाई थी शराब

गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपी कमरुद्दीन ने हत्या की पूरी योजना कबूल की। उसने बताया कि करीब दो महीने पहले लक्ष्मी के जरिए उसकी पहचान बाकी दोनों मृतकों से हुई थी।आरोपी ने बताया कि वह ज्यादा पैसों के लालच में पूजा के नाम पर 2 लाख रुपये नकद, शराब और कोल्ड ड्रिंक मंगवाता था। यही शराब पुलिस को कार में बरामद हुई थी। कमरुद्दीन ने कहा कि उसने पहले से जहर मिले लड्डू तैयार कर रखे थे। सफर के दौरान उसने तीनों को शराब, कोल्ड ड्रिंक और जहरीले लड्डू खिलाए। जब तीनों बेहोश हो गए, तो वह नकदी और कीमती सामान लेकर मौके से फरार हो गया।

 कमरुद्दी पर पहले से मर्डर केस दर्ज

पुलिस ने बताया कि आरोपी कमरुद्दीन कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले भी हत्या जैसे गंभीर मामलों में शिकायत दर्ज की जा चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह पहले भी एक मर्डर केस में शामिल रह चुका है। वर्तमान मामले में पुलिस ने कमरुद्दीन के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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