सत्या राजपूत, रायपुर। राजधानी में गर्मी के शुरुआत में ही जल संकट गहराने लगा है, जिसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम और जल प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में जल आपूर्ति सुधार के लिए 70 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की योजना थी, लेकिन अब तक केवल 7-8 किलोमीटर पाइप ही बिछाया गया है। ऐसे में पानी की कमी होना स्वाभाविक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि निगम द्वारा जलकर, संपत्ति कर और अन्य शुल्कों के नाम पर लोगों से लगातार वसूली की जा रही है। यहां तक कि घरों में नल कनेक्शन देने के लिए 2400 रुपये तक लिए गए, लेकिन उन नलों में पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने इसे “धोखा या अपराध” करार देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

तिवारी ने कहा कि रायपुर के करीब 35 वार्डों में गंभीर जल संकट बना हुआ है। उन्होंने टैंकर आपूर्ति पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में 50 लाख रुपये, फिर 100 लाख रुपये और अब 2026 में 150 लाख रुपये खर्च कर टैंकर चलाए जा रहे हैं, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में “बड़ा खेल” हो रहा है। उनका कहना है कि पानी हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन पैसा लेने के बावजूद पर्याप्त आपूर्ति नहीं करना जनता के साथ अन्याय है। जल बोर्ड के गठन पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। तिवारी ने कहा कि केवल कमेटी बनाना समाधान नहीं है, बल्कि इसके लिए सही नीयत और ठोस कार्यवाही जरूरी है।