बीडी शर्मा, दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव इन दिनों लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। ग्रामीण अंचल के अस्पतालों में दवाओं की कमी और समय पर सप्लाई नहीं मिलने की शिकायतों के बाद कलेक्टर ने जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टोर रूम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने जमकर नाराजगी जताई और दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दवाओं के स्टोर रूम का जायजा लिया। यहां पिछले वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों से मांगी गई दवाएं अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। वहीं खराब फ्रीजर में भी दवाएं रखी हुई मिलीं। स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाएं भी मिलीं, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार स्टॉक का मिलान भी नहीं हो रहा था।
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इन अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर ने सीएमएचओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां 12 कर्मचारी बिना सूचना के गैरहाजिर पाए गए। कलेक्टर ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी रही। ग्रामीण अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
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