Bihar news: बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सुनील शेट्टी ने सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद घोषणा की कि राज्य में उनकी आगामी फिल्म की शूटिंग इसी साल अक्टूबर महीने से शुरू हो जाएगी। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की शूटिंग लगभग 50 से 60 दिनों तक चलेगी, जिसके लिए अगले सप्ताह ही लोकेशन चयन हेतु एक विशेषज्ञ टीम बिहार का दौरा करेगी।

​मुख्यमंत्री से मुलाकात और बिहार की तारीफ

​अपनी इस यात्रा के दौरान अभिनेता सुनील शेट्टी ने मुख्यमंत्री के साथ कला, सिनेमा और बिहार की संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बिहार में फिल्म निर्माण करेंगे। अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यदि कोई फिल्म रिलीज होती है, तो उसके सुपरहिट होने की संभावना सबसे अधिक होती है। उन्होंने बिहार की प्राकृतिक सुंदरता और रमणीय लोकेशनों को फिल्म निर्माण के लिहाज से अत्यंत अनुकूल बताया।

​एक दर्जन से अधिक स्थलों पर होगी शूटिंग

​बिहार में नई फिल्म पॉलिसी लागू होने के बाद यह पहला ऐसा बड़ा प्रोजेक्ट होगा जिसकी शूटिंग लगातार 50 से 60 दिनों तक चलेगी। संभावित शूटिंग स्थलों में पश्चिम चंपारण, राजगीर, नालंदा, बोधगया, कैमूर, नवादा और राजधानी पटना सहित एक दर्जन से अधिक खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं। हालांकि, सुनील शेट्टी ने यह स्पष्ट किया है कि अंतिम रूप से लोकेशन का चयन उनकी प्रोडक्शन टीम द्वारा ही किया जाएगा।

​बेहतर होता इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय रोजगार

​सुनील शेट्टी ने राज्य की सराहना करते हुए बताया कि वे चार महीने पहले भी बिहार आए थे, जहां का सुधरता हुआ इन्फ्रास्ट्रक्चर उन्हें बेहद पसंद आया था। इसी से प्रभावित होकर उन्होंने यहां फिल्म शूट करने का निर्णय लिया। इस व्यापक फिल्म निर्माण से राज्य के स्थानीय कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे बिहार में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

​फिल्म प्रोत्साहन नीति और आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान

​कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में शूटिंग करने वाले निर्माताओं को 4 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, यदि निर्माता स्थानीय कलाकारों को काम पर रखते हैं, तो उन्हें कलाकारों को भुगतान की गई कुल राशि का 50% अतिरिक्त अनुदान के रूप में दिया जाएगा।

  • ​क्षेत्रीय भाषाओं के लिए अनुदान: भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में बनने वाली फिल्मों के लिए 50% का अनुदान दिया जाता है।
  • ​हिंदी और अंग्रेजी फिल्में: हिंदी और अंग्रेजी भाषा में बनने वाली फिल्मों के लिए अनुदान की सीमा 25% निर्धारित की गई है।
  • ​शर्तें: इस लाभ के लिए फिल्म के कुल शूटिंग दिनों का 75% हिस्सा बिहार में होना अनिवार्य है और फिल्म का प्रदर्शन भी राज्य में किया जाना चाहिए।

​अब तक इस नीति के तहत 50 से अधिक फिल्मों की शूटिंग के लिए एनओसी (NOC) जारी की जा चुकी है, जो यह दर्शाता है कि बिहार तेजी से फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है।