Dharm Desk – शनिवार का दिन भगवान शनि देव की आराधना और उनकी कृपा पाने के लिए खास है। लंबे समय से किसी परेशानी से घिरे व्यक्ति के लिए इस दिन किए गए धार्मिक उपाय विशेष महत्व रखते हैं। ज्योतिष में भी शनिवार को शनि से जुड़े कष्टों के निबरण के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इनमें पीपल के वृक्ष की पूजा और काले तिल का प्रयोग प्रमुख बताया जाता है। कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ लगातार सात शनिवार तक एक विशेष उपाय करता है, तो उसे मानसिक परेशानी और जीवन में चल रहे संघर्षों से राहत मिलने की राह बनती है। इस उपय में पीपल की जड़ में काले तिल मिला दूध अर्पित किया जाता है और भगवान विष्णु के मंत्र का जाप किया जाता है।

यह उपाय सात शनिवार तक करना है

उपाय की शुरुआत शनिवार से करें ल। इसके लिए एक साफ पात्र में कच्चा दूध लें। उसमें थोड़े से काले तिल डाल दें। इसके बाद पीपल के पेड़ के पास पहुंचकर पहले श्रद्धापूर्वक भगवान का स्मरण करें। अब तिल मिले दूध को धीरे-धीरे पीपल की जड़ में अर्पित करें। दूध चढ़ाते सयम मन को शांत रखते हुए ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें। इस दौरान जल्दबाजी न करें और पूजा को पूरी श्रद्धा के साथ पूरा करें। इस प्रक्रिया को एक शनिवार करने के बाद छोड़ना नहीं है। लगातार सात शनिवार तक इसी नियम का पालन करने की बात धार्मिक उपाय है।

पीपल और काले तिल का महत्व क्यों है ?

सनातन परंपरा में पीपल को विशेष पवित्र स्थान प्राप्त है। शनिवार के दिन पीपल की पूजा का संबंध भगवान शनिदेव की आरधना से भी जोड़ा जाता है। वहीं काले तिल का प्रयोग शनि से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। दूध अर्पित करने के साथ भगवान विष्णु के मंत्र का जप इस उपाय को अलग धार्मिक स्वरूप देता है। ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः भगवान विष्णु को समर्पित मंत्र है। इसलिए उपाय के दौरान पीपल पूज के साथ विष्णु मंत्र का स्मरण करने से साधक का ध्यान और पूजा दोनों एकाग्र रहते हैं।

सात शनिवार तक नियम रखना जरूरी

ऐसे धार्मिक उपायों में केवल सामग्री से अधिक महत्व श्रद्धा और नियम का माना जाता है। इसलिए यदि सात शनिवार का संकल्प लिया है, तो उसे बीच में रोकने के बजाय नियमित रूप से पूरा करना चाहिए। पूजा के दौरान मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें। भगवान से अपने जीवन में शांति, सद्बुद्धि और सुख की प्रार्थना करें।