लखनऊ. सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन द्वारा बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से ऐसे अभियान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

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मस्जिदों को अवैध बताकर कार्रवाई पर सवाल

मायावती ने शनिवार (5 सितंबर 2026) को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि सहारनपुर की मस्जिद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध बताकर ध्वस्त करने का सरकारी अभियान उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को नकारात्मक हालात पैदा होने से बचने के लिए तत्काल इस पर रोक लगानी चाहिए और समाधान के दूसरे रास्ते तलाशने चाहिए.

संवैधानिक सरकार की जिम्मेदारी का दिलाया ध्यान

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि संवैधानिक और सेक्युलर सरकार का दायित्व है कि वह सभी धर्मों के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों का समान रूप से सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करे. उन्होंने कहा कि इस्लाम में मस्जिदें इबादत और सामूहिक नमाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. ऐसे में भारतीय परंपरा के अनुरूप धार्मिक स्थलों के प्रति सम्मान बनाए रखना व्यापक जनहित में जरूरी है.

‘मकान गिराकर परिवार को सजा देना ठीक नहीं’

मायावती ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कहा कि नियम-कानून का समुचित पालन किए बिना किसी अभियुक्त का मकान गिराना उसके पूरे परिवार को सामूहिक तौर पर सजा देने जैसा है. उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से लोग काफी विचलित हैं और सरकार को कानून के मुताबिक शासन चलाने की जरूरत है.

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न्यायालय से भी समुचित ध्यान देने की अपील

बसपा प्रमुख ने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि न्यायालयों को भी ऐसे मामलों पर समुचित ध्यान देना चाहिए. उन्होंने पार्टी की ओर से सभी लोगों से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की. मायावती ने जोर दिया कि धार्मिक स्थलों और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों में जल्दबाजी के बजाय कानून और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप कदम उठाए जाने चाहिए.