लखनऊ. शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सेल्फी वीडियो शेयर कर बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में हमेशा उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है.

इसे भी पढ़ें- अखिलेश की ‘चवन्नी’ टिप्पणी पर घमासान, RLD नेता ने सपा प्रदेश अध्यक्ष को कहा ‘मंदबुद्धि’

ज्ञान की पावन भूमि है उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ही ज्ञान, साधना और संस्कारों की पावन भूमि रहा है. प्रदेश की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप देकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले सभी शिक्षकों और गुरुजनों को उन्होंने शिक्षक दिवस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान केवल इतिहास और संस्कृति से नहीं, बल्कि ज्ञान की महान परंपरा से भी जुड़ी रही है.

https://www.instagram.com/p/Dc4x52qA092

काशी से सारनाथ तक ज्ञान की परंपरा

सीएम योगी ने कहा कि काशी ने दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया, जबकि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था. अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज भी सनातन ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं. इन स्थानों ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और शिक्षा को लंबे समय तक दिशा देने का काम किया है.

शुकतीर्थ और नैमिषारण्य का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ और नैमिषारण्य की ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा को भी याद किया. उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में महर्षि शुकदेव ने श्रीमद्भागवत का प्रथम वाचन किया था. वहीं नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया.

इसे भी पढ़ें- वाराणसी में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचेंगे सीएम योगी, गंगा-वरुणा का करेंगे हवाई सर्वे; राहत शिविर में बांटेंगे सामग्री

शिक्षा और तकनीक से भविष्य गढ़ रहे शिक्षक

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की इसी भूमि से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुईं. आज प्रदेश के शिक्षक इसी विरासत को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य तैयार कर रहे हैं. उन्होंने शिक्षकों को समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया.