भिलाईनगर। जिले के तीन निगमों के वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया 9 सितंबर को होगी। भिलाई नगर निगम के लिए 11 बजे, रिसाली निगम के लिए 3 बजे और भिलाई चरोदा निगम के वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया शाम 5 बजे से शुरु होगी। कलामंदिर में आयोजित आरक्षण प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण होगा।
आरक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस वार्ड के लिए किस वर्ग का पार्षद प्रत्याशी होगा। आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही पार्षद पद के दावेदार सक्रिय हो जाएंगे। याद रहे कि महापौर पद का आरक्षण पूर्व में ही हो चुका है। इसके तहत भिलाई निगम और भिलाई चरोदा निगम ओबीसी और रिसाली निगम अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। इसके अलावा इस बार महापौर के लिए सीधे चुनाव होगा। इससे चुनाव और दिलचस्प हो जाएगा। पिछली बार ऐसा पहली बार हुआ कि पार्षदों ने बहुमत के आधार पर महापौर चुना।

कांग्रेस ने पर्यवेक्षक घोषित किए
इस बीच नगरीय निकाय चुनावों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पर्यवेक्षक व सहपर्यवेक्षक घोषित कर दिया है। भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के तहत भिलाई निगम के लिए पर्यवेक्षक धनेन्द्र साहू, सह पर्यवेक्षक दीपक दुबे, रिसाली निगम के लिए पर्यवेक्षक मोहन मरकाम, सह पर्यवेक्षक कन्हैया अग्रवाल, दुर्ग ग्रामीण के तहत भिलाई चरोदा निगम के लिए पर्यवेक्षक विकास उपाध्याय व सह पर्यवेक्षक राजेन्द्र साहू, जामुल नगर पालिका के लिए पर्यवेक्षक प्रमोद दुबे बनाए गए हैं।
साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 6 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार
भिलाईनगर। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों की जांच के आधार पर 3 थाना क्षेत्रों से 06 खाताधारकों के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपियों 2 से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम, चेकबुक एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराना पाया गया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि साइबर अपराधों की जांच के दौरान दुर्ग पुलिस साइबर ठगी से प्राप्त राशि के विभिन्न बैंक खातों में लेनदेन की जानकारी का विश्लेषण किया। जांच में थाना भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर एवं सुपेला क्षेत्र के कुछ बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन एवं हस्तांतरण में होना पाया।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित खाताधारकों ने धनराशि / कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने एवं खपाने के लिए किया गया। संबंधित खातों में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का ट्रांजेक्शन पाया।
प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर थाना सुपेला के धारा 318 (2), 318 (3), 317 (4) बीएनएस में 03 आरोपी, थाना भिलाई भट्ठी के धारा 318 (2), 318 (3), 317 (4) बीएनएस में 01 आरोपी तथा थाना भिलाई नगर के धारा 318 (2), 318 (3), 317 (4) बीएनएस में 02 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की है।
इस मामले में मोहन राम (50 वर्ष) निवासी घासीदास नगर, जामुल गजेन्द्र कुमार साहू (23 वर्ष) निवासी रिसाली, भीष्म लाल भारती (27 वर्ष) निवासी कुम्हारी, ओम प्रकाश यादव (28 वर्ष) निवासी जेवरा सिरसा, देवरतन टंडन (39 वर्ष) निवासी खुर्सीपार व लोकनाथ वर्मा (29 वर्ष) निवासी पांच रास्ता सुपेला पर कार्रवाई की है।
तेज आवाज में डीजे बजाने पर वाहन सहित साउंड सिस्टम जब्त
भिलाईनगर। अत्यधिक तेज आवाज में डीजे साउंड सिस्टम बजाए जाने की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 15 के अंतर्गत पाए जाने पर पुलिस मौके से माजदा वाहन, 06 नग डीजे साउंड बॉक्स एवं 01 नग एम्पलीफायर जब्त किया है।
15 खेल विधाओं में दिखेगी तकनीकी छात्रों की प्रतिभा
भिलाईनगर। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा की व्यस्त पढ़ाई के बीच अब सीएसवीटीयू से जुड़े विद्यार्थियों को मैदान पर अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मौका मिलने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की खेल समिति ने एकीकृत राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है।
तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने महाविद्यालयों से खिलाड़ियों की जानकारी मांगी है। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में कुल 15 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें कबड्डी, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, खो-खो, शतरंज, रस्साकशी, भारतोलन, गटका, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और कैरम शामिल हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय ने संबद्ध महाविद्यालयों को प्रस्तावित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रारूप में 10 सितंबर तक भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रतियोगिता की खास बात यह है कि खेलों को केवल पुरुष विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रखा गया है। महिला वर्ग को भी सभी निर्धारित खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया है। इससे तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं की खेल प्रतिभा को मंच मिलने की उम्मीद है। तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए यह प्रतियोगिता सिर्फ ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं होगी। अलग-अलग कॉलेजों से निकलने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के बाद आगे की प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो सकते हैं।
स्वाइन फ्लू के मिले 3 नए मरीज, पॉजीटिव मरीजों की संख्या हुई 40
दुर्ग। दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज लगातार बढ़ने लगा है। जिले में 8 सितम्बर को फिर 3 नए मरीज मिले है। वर्तमान में जिले में कुल 19 एक्टिव मरीज है। इनमें 12 हॉस्पिटल में भर्ती है। वहीं 7 मरीज होम आइसोलेटेड है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकीय उपचार चल रहा है, जिनकी स्थिति अभी सामान्य है। जिले में नये धनात्मक प्रकरण मिलने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की रही है, नियमित रूप से मरीजों की मोनिटरिंग की रही है । स्वाइन फ्लू को लेकर जिले में कुल 23 आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए है। साथ ही 158 बिस्तर आरक्षित किया गया है।
जिले में स्वाइन फ्लू के संबंध में कलेक्टर के निर्देशानुसार डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला दुर्ग, डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, आईडीएसपी दुर्ग एवं भूमिका वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एन. एच. एम., दुर्ग के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
19 मरीजों में से 2 मरीज स्पर्श हॉस्पिटल, 2 मरीज एम एम आई रायपुर, 4 मरीज हाईटेक हॉस्पिटल, 1 मरीज पल्स अस्पताल भिलाई, 1 मरीज मित्तल अस्पताल, 1 मरीज सुयश तथा 1 मरीज का इलाज रामकृष्ण हॉस्पिटल रायपुर में चल रहा है। वहीं 7 मरीज होम आइसोलेटेड हैं। यह बता दें कि 5 अगस्त से आज तक कुल 40 स्वाइन फ्लू धनात्मक प्रकरण मिल चुके हैं। इनमें से 21 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
नीट/जेईई कोचिंग के लिए शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
दुर्ग। जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे मेधावी विधार्थी जो आर्थिक कारणों से नीट/जेईई जैसे परीक्षाओं में कोचिंग के अभाव में चयनित होने से वंचित हो जाते हैं, ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के नेतृत्व व मार्गदर्शन में जिले में एक अभिनव प्रयास किया जा रहा है। चयन परीक्षा के माध्यम से कक्षा 11वीं एवं 12वीं विज्ञान के 40-40 विद्यार्थियों’ का चयन नीट एवं जेईई कोचिंग के लिए किया गया है।
कोचिंग कक्षाओं का संचालन जिले के चयनित विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं के माध्यम से किया जाना है। इस हेतु चयनित विशेषज्ञ व्याख्याताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 8 सितंबर को जेआरडी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय दुर्ग में किया गया।
प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि यदि हम वास्तव में अपने कार्य का परिणाम देखना चाहते है, तो हमें केवल एप्रोच के साथ क्लास में जाने के बजाए पूरी तैयारी के साथ जाना होगा, यदि एक घंटे की क्लास लेनी है तो दो घंटे की क्लासेस की तैयारी होनी चाहिए। बच्चों की मानसिकता को परखते हुए पहले किस टॉपिक को डील किया जाना है इस बात को विशेष ध्यान देना होगा।
कार्यशाला में मौजूद डॉ. केवी राव, संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि हमें एक मूल मंत्र याद रखना होगा कि इस पूरे प्रोसेस में हम जितना इंवॉल्व होंगे उतना ही बेहतर परिणाम दे पाएंगे। इससे एक उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में पहचान बना पाएंगे।
बिना वैध योग्यता चल रहा था इलाज का खेल, अवैध क्लीनिक सील
खैरागढ़। बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम डोकराभाठा में करुण वर्मा द्वारा संचालित कथित क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को सील कर दिया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में मिली शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने मामले में आगे वैधानिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
मामला ग्राम एटीकसा निवासी प्रेमलाल वर्मा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार उनके 52 वर्षीय परिजन ललित वर्मा मधुमेह ( ब्लड शुगर) से पीड़ित हैं। उनका उपचार भाठा स्थित उक्त क्लीनिक में कराया गया था। आरोप है कि मरीज की आवश्यक जांच, यहां तक कि शुगर की जांच किए बिना ही उसे इंजेक्शन लगा दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर में संक्रमण होने की शिकायत सामने आई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सह पर्यवेक्षी प्राधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तरीय जांच दल गठित किया गया। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद टीम ने क्लीनिक पहुंचकर जांच की। जांच रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया बिना शुगर जांच के उपचार किए जाने तथा उपचार करने वाले व्यक्ति की निर्धारित चिकित्सकीय योग्यता को लेकर गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।
जांच दल ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की । रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की। डोकराभाठा की कार्रवाई के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के संचालित होने वाले क्लीनिकों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांवों में ऐसे झोलाछाप लोगों द्वारा उपचार किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने अब जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों में भी संचालित क्लीनिकों की जांच और वहां उपचार करने वालों की योग्यता व पंजीयन की पड़ताल बड़ी चुनौती है। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन ने अपील की है कि योग्य डॉक्टर से ही इलाज कराया जाना ठीक होता है। उपचार के लिए केवल मान्यता प्राप्त एवं वैध चिकित्सकीय योग्यता रखने वाले चिकित्सकों और पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाएं ही जीवन और स्वास्थ्य के लिये बेहतर होता है।
बिना योग्यता इलाज करने वाले व्यक्ति अथवा संदिग्ध क्लीनिक की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन को देने की अपील की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से एक ओर जहाँ झोलाछाप कथित चिकित्सकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
गणेश उत्सव में पुलिस की रहेगी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
राजनांदगांव। आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा द्वारा आज पुलिस कार्यालय राजनांदगांव में गणेश उत्सव समितियों के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में शहर के 70 से अधिक गणेश उत्सव समितियों के प्रतिनिधियों सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक साइबर एवं शहर के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में गणेश उत्सव के दौरान शांति, सुरक्षा एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के साथ- साथ बेहतर समन्वय एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक ने सभी समितियों से अपील की कि उत्सव को धार्मिक आस्था एवं उत्साह साथ अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ मनाया जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद अथवा असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने के लिए समितियों को समझाइश दी गई बैठक में बड़े, मध्यम एवं संवेदनशील गणेश पंडालों में पंडाल पुलिस मित्र की तैनाती की जाएगी, जो संबंधित समिति एवं पुलिस के बीच निरंतर समन्वय का कार्य करेंगे।
इसका उद्देश्य पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन एवं किसी भी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करना है। गणेश पंडालों में प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, दर्शन के लिए कतार व्यवस्था, पार्किंग एवं यातायात प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए। समितियों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने कहा गया कि एंबुलेंस, फायर वाहन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए मार्ग सदैव खुला रहे तथा अत्यधिक भीड़ की स्थिति में व्यवस्थित तरीके से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि गणेश उत्सव के दौरान नशे में उपद्रव, हथियारों का प्रदर्शन, जुआ-सट्टा एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर अफवाह अथवा भ्रामक जानकारी प्रसारित न करने तथा किसी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की गई।
जर्जर भवनों की निगम फिर से तैयार कर रहा सूची
राजनांदगांव। शहर में भी जर्जर भवनों की संख्या दो दर्जन से अधिक बताई जा रही है। शहर में पुराने और जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम ने सर्वे रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बारिश के मौसम में ऐसे भवनों से हादसे की आशंका को देखते हुए निगम द्वारा भवनों की स्थिति, स्वामित्व और सुरक्षा मानकों की जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायत सामने आने पर कार्रवाई को लेकर भी निगम सख्त नजर आ रहा है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में 30 से अधिक जर्जर भवन चिन्हित होने की जानकारी दी जा रही है। इन भवनों के संबंध में भवन मालिकों को समय-समय पर कई बार नोटिस जारी करने, मरम्मत कराने या अत्यधिक खतरनाक स्थिति में होने पर हटाने के संबंध में समझाइश दी जा रही है फिर भी मानने तैयार नहीं है। ऐसे में अब नगर निगम द्वारा सख्त से सख्त कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
शहर में जर्जर मकानों की संख्या अधिक
शहर के भीतरी क्षेत्रों में जर्जर मकानों की संख्या अधिक, शासकीय भवन की जर्जर शहर के पुराने इलाकों के साथ-साथ भीतरी क्षेत्रों में भी जर्जर मकानों की संख्या अधिक होने की जानकारी दी जा रही है। कई ऐसे मकान हैं जो वर्षों पुराने हो चुके हैं। दीवारों में दरार, छत कमजोर होना और बारिश के दौरान सीलन बढ़ने से खतरा बढ़ जाता है। नागरिकों ने भी मांग की है कि निगम केवल नोटिस तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई करे। इसी को ध्यान में रखकर नगर निगम द्वारा विशेष सतर्कता अभियान शुरू कर दिया गया है। और फिर से जर्जर मकान चिन्नकित किए जा रहे हैं।
निगम की रिपोर्ट पर एक नजर
निगम के अधिकारियों की माने तो एक बार फिर से जर्जर मकानों की सूची तैयार की जा रही है जिसमें प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जर्जर भवनों की संख्या, भवन की वर्तमान स्थिति कैसी है। मरम्मत योग्य और गिराने योग्य भवनों की जानकारी एकत्रित करने के बाद कार्रवाई की स्थिति तय करने की तैयारी की गई है।
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