कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर के दारुल कुरान अवैध मदरसे में बच्चों के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मामले में जिला प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की अध्यक्षता में एक छह सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है जो मदरसे की व्यवस्थाओं से लेकर उसकी मान्यता और तमाम दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी। इस मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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26 बच्चों का रेस्क्यू कर माता-पिता को सौंपा गया

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत मदरसे से रेस्क्यू किए गए सभी 26 बच्चों का विधिवत सत्यापन करने के बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है। पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए जिला पंचायत CEO सौजन सिंह रावत की अध्यक्षता में बनाई गई इस छह सदस्यीय समिति में एसडीएम, सीएसपी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और श्रम अधिकारी को शामिल किया गया है। यह समिति अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट सीधे कलेक्टर को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

बाल आयोग की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

मध्य प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रिपोर्ट में बच्चों के साथ बरती गई क्रूरता और अमानवीय व्यवहार का खुलकर जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मदरसे में बच्चों के साथ मारपीट की जाती थी, उन्हें पढ़ाई से दूर रखा जाता था, जमीन पर सुलाया जाता था और शौचालयों तक के दरवाजे नहीं थे। इसके अलावा सभी बच्चों को एक ही कमरे में ठूंसकर रखने की बात भी सामने आई है। आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा ने प्रदेश के सभी मदरसों और ऐसे अन्य स्थानों की भी जांच के निर्देश दिए हैं जहां बच्चे रहते हैं। आयोग ने बच्चों के साथ ऐसा अमानवीय बर्ताव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और सात दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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FIR और संचालकों पर गिरेगी गाज

प्रशासनिक जांच में बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि के साथ-साथ मदरसे के संचालन से जुड़े वैध-अवैध दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में आरोप प्रमाणित होने पर मदरसे के संचालकों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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