लखनऊ. राजकीय नर्सेस संघ की मांगों का समर्थन करते हुए नगीना सांसद चंद्रशेखर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में राजकीय नर्सेस संघ की 13 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन सरकार की वादाखिलाफी और संवेदनहीनता का परिणाम है. 9 अक्टूबर से आंदोलनरत नर्सिंग कर्मचारी कल 7 नवंबर को शासन के समझौता पत्रों की प्रतियां जलाकर काला दिवस मनाने को मजबूर हुए. 21 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार और स्वास्थ्य भवन के घेराव के बावजूद सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है.

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आगे चंद्रशेखर ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक जी द्वारा एक वर्ष पूर्व गृह जनपद में तैनाती, पदोन्नति, अध्ययन अवकाश, पालनाघर, संवर्ग के पदों की सुरक्षा और केंद्र के समान भत्ते जैसी जायज मांगों को लेकर दिए गए आश्वासन और 2 फरवरी 2026 को पांच प्रमुख मांगों पर बनी सहमति के बावजूद अब तक शासनादेश जारी न होना बेहद चिन्ताजनक है.

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आगे चंद्रशेखर ने ये भी कहा कि भाजपा वाले चुनाव से छह महीने पहले उत्तर प्रदेश की महान जनता के बीच वादों और आश्वासनों की पोटली बांटकर अगली सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं, जबकि नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन बता रहा है कि सत्ता में रहते हुए किए गए वादों को पूरा करने की बारी आती है तो सरकार पीछे हट जाती है. भाजपा के वादे चुनावी प्रचार, अमल के नाम पर केवल इंतजार.