हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति में उस वक्त दिलचस्प और चर्चित नजारा देखने को मिला, जब बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ऊषा ठाकुर और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह आमने-सामने आ गए। चर्चा का केंद्र बना सनातन धर्म, हिंदुत्व और सार्वजनिक जीवन में धार्मिक पहचान का मुद्दा। दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
“मैं हमेशा से सनातन धर्म को मानता आया हूं”- दिग्विजय
बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने साफ तौर पर कहा कि वे हमेशा से सनातन धर्म को मानने वाले रहे हैं और इस बात को पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा अनादि काल से चली आ रही है और वे पूरी आस्था के साथ इसका पालन करते हैं। दिग्विजय के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
उषा बोलीं – “सार्वजनिक जीवन में खुलकर स्वीकार करना चाहिए सनातन”
वहीं उषा ठाकुर ने भी अपने तीखे अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में सनातन धर्म को खुलकर स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा ही देश की असली पहचान है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, जिसने पूरे माहौल को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया।
हाईकोर्ट के फैसले का भी हुआ जिक्र
चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने एक हाईकोर्ट फैसले का जिक्र करते हुए न्यायालय के निर्णय का सम्मान करने की बात कही। हालांकि विचारधारा और राजनीति अलग-अलग होने के बावजूद दोनों नेताओं के बीच बातचीत का अंदाज सौहार्दपूर्ण बना रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
अब यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इसे मध्यप्रदेश की राजनीति का “अनोखा राजनीतिक संवाद” बता रहे हैं। कोई इसे सनातन पर खुली बहस कह रहा है तो कोई इसे चुनावी माहौल से जोड़कर देख रहा है।
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