गुलशन कुमार, नारनौल। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी खंड के गांव आंतरी में एक विशेष रोजगार योजना की शुरुआत की गई है। इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव और सीईओ निर्मल नागर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा पौधारोपण करके की गई।

पलायन रोकने और गांवों को मजबूत बनाने की कोशिश

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस नई योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर और गांव के आसपास ही काम के अवसर दिए जा रहे हैं। इससे रोजगार की तलाश में लोगों का बड़े शहरों की तरफ पलायन कम होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था यानी गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

125 दिन का काम और 15 दिन में मजदूरी

योजना की खूबियों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा में इस व्यवस्था के तहत लोगों को ज्यादा से ज्यादा 125 दिनों के रोजगार की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही काम के बीच में 2 महीने की छुट्टी देने का नियम भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों की कमाई सीधे उनके बैंक खातों में 15 दिनों के भीतर भेज दी जाती है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों का डर नहीं रहता।

महेंद्रगढ़ में 17 हजार लोगों का हुआ रजिस्ट्रेशन

कार्यक्रम में मौजूद सीईओ निर्मल नागर ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले की कुल 343 ग्राम पंचायतों में अब तक लगभग 17 हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन यानी पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं अकेले आंतरी गांव में करीब 169 मजदूर इस योजना से जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी पंजीकृत मजदूरों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ई-केवाईसी का मतलब होता है इंटरनेट के जरिए व्यक्ति के पहचान पत्र और दस्तावेजों की डिजिटल जांच करना ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।

हाजिरी के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार

निर्मल नागर ने आगे बताया कि मजदूरों के काम पर आने की हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था को पहले से ज्यादा बेहतर बनाया गया है। इसके लिए कंप्यूटर और मोबाइल सॉफ्टवेयर को नया रूप दिया गया है। इस नए बदलाव से मजदूरों की रोजाना की उपस्थिति बिल्कुल सही ढंग से दर्ज होगी और उनकी मजदूरी का भुगतान भी बिना किसी देरी के समय पर किया जा सकेगा। कार्यक्रम के आखिरी चरण में ग्रामीणों को सरकार की अन्य रोजगार योजनाओं की भी जानकारी दी गई और पात्र लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की गई।

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