Dharm Desk – अगर आप शादी-विवाह या अन्य मांगलिक कार्यों की तैयारी में लगे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. एक बार फिर शुभ कार्यों पर ब्रेक लगने वाला है. जुलाई में ही विवाह और अन्य संस्कारों के लिए गिने-चुने शुभ मुहूर्त बचे हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जुलाई में 2, 3, 4, 9, 11 और 12 जुलाई तक ही यह अवसर मिलेगा. इसके बाद मांगलिक कार्यों पर परंपरागत रोक लग जाएगी. यही वहज है कि इन दिनों शादी समारोहों और अन्य आयोजनों की तैयारियों में तेजी देखने को मिल रही है. दरअसल, इस वर्ष की शुरुआत में खरमास यानी मलमास पड़ा था. इस पूरे एक महीने तक विवाह और अन्य शुभ कार्य पूरी तरह बंद रहे. इसके बाद अधिक मास लग गया जिसमें भी मांगलिक कार्य नहीं हो सके. इसके बाद कुछ समय के लिए मुहूर्त मिले, लेकिन आप 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होने वाले हैं जिसमें किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

क्यों लगता है चातुर्मास में ब्रेक?
आषाढ़ शुक्ल एकादशी से 25 जुलाई से चातुर्मास की शुरुआत है, जिसे देवशयनी एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते है. मान्यता है कि इस दौरान सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी शुभ कार्यों के अनुकूल नहीं रहती. इसी कारण विहवा, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ जैसे संस्कार इस अवधि में नहीं किए जाते.
भक्ति और साधना के लिए श्रेष्ठ समय
चातुर्मास को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है. इस दौरान जप, तप, व्रत, दान, सत्संग और कथा-श्रवण का विशेष महत्व होता है. श्रद्धालु इस समय को आत्मिक उन्नति के लिए उपयोग करते हैं.
देवउठनी एकादशी से फिर गूंजेंगी शहनाइयां
चार महीने के इस विराम के बाद देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही एक बार फिर से शुभ कार्यों की शुरुआत होगी. इसके बाद विवाह सीजन पूरे जोश के साथ लौटेगा और बाजारों में रौनक फिर से बढ़ेगी.

