विजय कुमार/जमुई: केकेएम कॉलेज परिसर में शनिवार का दिन छात्रों के आक्रोश और प्रशासनिक विफलता के नाम रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के उदासीन रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों की विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर चला यह विरोध प्रदर्शन लगभग चार घंटों तक जारी रहा, जिससे कॉलेज परिसर में गहमागहमी बनी रही।
परीक्षा फॉर्म वेरिफिकेशन में मनमानी और लापरवाही
प्रदर्शन के दौरान अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन सिंह चंदेल ने कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि यूजी सेमेस्टर-2, 3 और 5 के परीक्षा फॉर्म वेरिफिकेशन के नाम पर छात्रों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। चंदेल के अनुसार, छात्र अपनी मेहनत से सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कर रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें एक ही काम के लिए तीन से चार बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह प्रशासनिक लापरवाही न केवल छात्रों का समय बर्बाद कर रही है, बल्कि उनमें मानसिक तनाव भी पैदा कर रही है।
भीषण गर्मी में घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर छात्र
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सांतनु सिंह और प्रांत SFD सह संयोजक अभिनय दुबे ने मुंगेर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा एक साथ कई सेमेस्टरों के फॉर्म भरने की तारीखें जारी करना अव्यवहारिक है। इससे कॉलेज परिसर में छात्रों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच छात्र घंटों तक कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बाद भी उनका फॉर्म वेरिफिकेशन समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कर्मचारियों की कमी को उजागर करती है।
अभाविप की दो टूक: सुधरे व्यवस्था, अन्यथा होगा बड़ा आंदोलन
अभाविप ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की है कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह सरल बनाया जाए। संगठन ने मांग की है कि अतिरिक्त काउंटर खोले जाएं और पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि छात्रों को गर्मी में राहत मिल सके। अभाविप के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि छात्रों की समस्याओं का निराकरण तत्काल नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस प्रदर्शन में अभाविप के सक्रिय कार्यकर्ता सीपू परिहार, प्रवेश कुमार, अभिनय दुबे, राखी कुमारी, डॉली कुमारी समेत भारी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की।

