जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Prisoner No. 626710 is Present’ की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ABVP JNU ने छात्रसंघ (JNUSU) की ओर से आयोजित स्क्रीनिंग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि फ्री एक्सप्रेशन के नाम पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई और इसके जरिए उमर खालिद के प्रति सहानुभूति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ABVP JNU की ओर से जारी बयान में कहा गया कि JNUSU ने फ्री एक्सप्रेशन के नाम पर ‘Prisoner No. 626710 is Present’ डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग आयोजित की। संगठन का आरोप है कि डॉक्यूमेंट्री के जरिए उमर खालिद की छवि को बेहतर दिखाने और उनके प्रति छात्रों में सहानुभूति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

ABVP ने स्क्रीनिंग को लेकर उठाए सवाल
ABVP JNU की ओर से जारी बयान में कहा गया कि JNUSU ने फ्री एक्सप्रेशन के नाम पर डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग आयोजित की। संगठन का आरोप है कि इसके जरिए उमर खालिद की छवि को बेहतर दिखाने और उनके प्रति छात्रों में सहानुभूति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ABVP ने JNUSU पर छात्र हितों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। संगठन के मुताबिक, हॉस्टल आवंटन, पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह और विश्वविद्यालय के जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी समस्याएं छात्रों के सामने हैं, लेकिन छात्रसंघ इन मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।
JNU प्रशासन पर भी उठाए सवाल
ABVP ने अपने बयान में JNU प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनुमति और समर्थन के बिना विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की गतिविधियां संभव नहीं हैं। ABVP ने सवाल किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की अनुमति किस नियम के तहत दी।
‘टैक्स के पैसे से चलती है यूनिवर्सिटी’
ABVP ने कहा कि JNU एक सरकारी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है, जिसका संचालन जनता के टैक्स के पैसे से होता है। संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद JNUSU ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’ का हवाला देकर दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कर रहा है। ABVP ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय के संसाधनों और परिसर का इस्तेमाल एक ऐसे व्यक्ति की छवि को बेहतर दिखाने के लिए कर रहा है, जो दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी है। हालांकि, ये आरोप ABVP की ओर से लगाए गए हैं।
राष्ट्रवादी छात्रों पर कार्रवाई का आरोप
ABVP ने आरोप लगाया कि JNU में राष्ट्रवादी विचार रखने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और पाबंदियां लगाई जाती हैं, जबकि संगठन के मुताबिक अलगाववादी विचार रखने वाले लोगों को विश्वविद्यालय के संसाधनों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है। ABVP ने इस कथित असमान रवैये पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय में ‘Left-Admin Nexus’ खत्म करने की मांग की। साथ ही संगठन ने अकादमिक परिसर के राजनीतिकरण को रोकने और विश्वविद्यालय की अकादमिक गरिमा बहाल करने की मांग की है।
‘Left-Admin Nexus’ खत्म करने की मांग
ABVP ने JNU में कथित ‘Left-Admin Nexus’ खत्म करने की मांग की है। संगठन ने अकादमिक परिसर के राजनीतिकरण को रोकने और विश्वविद्यालय की अकादमिक गरिमा बहाल करने की भी मांग की।
स्क्रीनिंग के बाद डायरेक्टर से छात्रों का इंटरैक्शन
जानकारी के मुताबिक, डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कल रात करीब 10 बजे आयोजित की गई थी। स्क्रीनिंग के बाद डॉक्यूमेंट्री के डायरेक्टर के साथ छात्रों का इंटरैक्शन भी हुआ। इस दौरान छात्रों ने फिल्म और उससे जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। फिलहाल स्क्रीनिंग को लेकर ABVP की ओर से JNUSU और JNU प्रशासन पर लगाए गए आरोपों पर विवाद बढ़ गया है। इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन या JNUSU की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



