आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पार्टी छोड़कर जाने वाले राज्यसभा सांसदों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिन लोगों को राज्यसभा भेजा, उन्हें लेकर अब भविष्य में ज्यादा सावधानी बरती जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि आगे से राज्यसभा में किसी व्यक्ति को भेजने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह जांच-पड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा, “आगे से राज्यसभा में किसी को भेजने से पहले सौ बार ठोंक-बजाकर देखेंगे, आदमी ठीक है या नहीं।”

केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़कर जाना बेहद खेद की बात है। उन्होंने कहा कि इन सांसदों को पार्टी ने राज्यसभा भेजा था, जनता ने नहीं। उन्होंने इसे पार्टी के लिए एक सीख भी बताया। केजरीवाल ने कहा कि भविष्य में राज्यसभा के लिए किसी व्यक्ति का चयन करने से पहले पार्टी अधिक सावधानी बरतेगी। उन्होंने कहा, “आगे से राज्यसभा में किसी को भेजने से पहले सौ बार ठोंक-बजाकर देखेंगे, आदमी ठीक है या नहीं।”

 अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़कर जाने वाले राज्यसभा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद दुख की बात है कि जिन लोगों को पार्टी ने राज्यसभा भेजा, उन्होंने ही पार्टी को धोखा दिया। केजरीवाल ने कहा कि इसके विपरीत आम आदमी पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों ने अब तक कहीं भी जनता को धोखा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने जनता के बीच रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। अपने बयान में केजरीवाल ने पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों के काम का उदाहरण देते हुए दिल्ली से लेकर गोवा, जम्मू-कश्मीर और गुजरात तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने जनता का विश्वास बनाए रखा है।

केजरीवाल ने सुनाया 2013 का किस्सा

अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस समय आम आदमी पार्टी ने पहली बार दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा था और पार्टी को 28 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा के खाते में 32 सीटें आई थीं। केजरीवाल के मुताबिक, सरकार बनाने के लिए भाजपा को चार और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान आम आदमी पार्टी के चार विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वे विधायक पार्टी छोड़कर नहीं गए। उन्होंने कहा कि इसके बाद दोबारा विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की और पार्टी की सीटों की संख्या बढ़कर 67 हो गई।

गोवा से गुजरात तक केजरीवाल ने गिनाए उदाहरण

अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर गोवा, जम्मू-कश्मीर और गुजरात का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों ने अब तक जनता को धोखा नहीं दिया है। केजरीवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की घटना से AAP ने सबक लिया है। केजरीवाल ने कहा कि 2022 में गोवा में आम आदमी पार्टी के दो विधायक चुने गए थे। उनके मुताबिक, पिछले 4 साल से दोनों विधायकों को पार्टी से अलग करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन दोनों अब तक पार्टी के साथ बने हुए हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में AAP के एक विधायक का भी जिक्र किया। केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें भी पार्टी से अलग करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह अब तक आम आदमी पार्टी के साथ हैं।

गुजरात में उपचुनाव का किया जिक्र

गुजरात का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि वहां आम आदमी पार्टी के 5 विधायक चुनाव जीते थे। इनमें से एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने भाजपा को हरा दिया। केजरीवाल ने कहा कि पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों ने जनता को धोखा नहीं दिया है। उन्होंने राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की घटना को AAP के लिए एक सीख बताया। उन्होंने कहा कि अब भविष्य में किसी को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी निष्ठा और भरोसेमंद होने को लेकर “सौ बार ठोंक-बजाकर” जांच की जाएगी।

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