आगरा. आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 25 दिन पहले तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी से मिले ट्रॉली बैग में मानव शरीर के 18 टुकड़े मिलने के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि ये टुकड़े चेन्नई में रहने वाली 38 वर्षीय हयातुन निशा के थे. पुलिस के मुताबिक, निशा का अपने से 16 साल छोटे शादीशुदा युवक माणिकउद्दीन लस्कर से अफेयर था. विवाद बढ़ने पर माणिकउद्दीन और उसकी साथी भगवती माझी ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी.
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350 CCTV कैमरों ने खोला हत्या का राज
5 अगस्त को चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस के आगरा कैंट पहुंचने पर जनरल कोच में रखे लाल ट्रॉली बैग से तेज बदबू आई. यात्रियों की सूचना पर GRP ने बैग खोला तो पॉलिथीन में लिपटे मानव अंग बरामद हुए. पोस्टमार्टम में यह भी सामने आया कि शरीर के कुछ हिस्सों को आटे और सब्जी के साथ पकाया गया था. मामले की जांच में चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में एक युवक और युवती उसी लाल ट्रॉली बैग के साथ नजर आए. इसी सुराग ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाया.
16 साल छोटे युवक से था अफेयर
पुलिस के अनुसार, ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली हयातुन निशा चेन्नई में अपने पति से अलग रहती थी. उसका करीब छह महीने से 22 वर्षीय माणिकउद्दीन के साथ संबंध था. 20 जुलाई के आसपास वह गुडुवांचेरी स्थित माणिक के घर किराए पर रहने लगी थी. उसका 17 वर्षीय बेटा यूसुफ खान भी उसके साथ रहता था. बताया गया कि माणिकउद्दीन पहले से भगवती माझी के साथ लिव-इन रिलेशन में था. निशा और माणिक के संबंध की जानकारी भगवती को हुई तो दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा. पुलिस का दावा है कि इसके बाद दोनों ने निशा को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
हत्या के बाद किए 18 टुकड़े, कुछ हिस्से पकाए
पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या के बाद शव को कटर से काटकर 18 टुकड़े किए गए. शरीर के कुछ हिस्सों को बड़े बर्तनों में आटे और सब्जी के साथ पकाया गया, जबकि धड़ समेत अन्य टुकड़ों को लाल ट्रॉली बैग में भरकर तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में रख दिया गया. इस बीच निशा का बेटा 21 अगस्त को मां को तलाशते हुए गुडुवांचेरी स्थित मकान पहुंचा. वहां मां और दोनों आरोपी नहीं मिले. उसने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. बाद में पुलिस ने मकान की तलाशी ली तो वहां मांस और शरीर के अन्य हिस्से मिले. पैसों के लेन-देन का पहलू भी जांच में सामने आया है.
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मणिपुर से गिरफ्तार, चेन्नई पुलिस ले गई कस्टडी में
आगरा GRP के CO राजीव दीक्षित के मुताबिक, 22 वर्षीय माणिकउद्दीन लस्कर और भगवती माझी को मणिपुर से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, दोनों को भरोसा था कि हत्या का राज कभी नहीं खुलेगा, लेकिन CCTV फुटेज ने उनकी कथित साजिश का पर्दाफाश कर दिया. आगरा में दर्ज जीरो FIR के बाद केस चेन्नई GRP को ट्रांसफर किया गया था. अब चेन्नई पुलिस दोनों आरोपियों को अपनी कस्टडी में लेकर हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.



