कुंदन कुमार, पटना। बिहार के नए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा एक्शन मोड में हैं। पदभार संभालने के एक दिन बाद यानी की आज मंगलवार (12 मई) को कृषि भवन में उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री का शुभारंभ किया। फार्मर रजिस्ट्री का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने किसान कॉल सेंटर एवं किसान रेडियो स्टेशन का भी मुआयना किया।

भ्रष्ट अधिकारियों को दी चेतावनी

इस मौके पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, फार्मर रजिस्ट्री के जरिए बिहार के किसानों की आय दुगनी होगी तथा उनकी सारी जमीनों की हिस्ट्री फार्मर रजिस्ट्री के बाद स्वत: ऑनलाइन चढ़ जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार से किसानों को मिलने वाले तमाम सुविधा फार्मर रजिस्ट्री के बाद किसानों को मिलेगी। वहीं भ्रष्ट अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि, गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर विभाग कड़ा एक्शन लेगा।

47 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि, पहले चरण में जनवरी माह के दौरान 10 लाख से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया गया था। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में भी लाखों किसानों का पंजीकरण किया गया। अब तक राज्य में करीब 47 लाख 85 हजार से अधिक किसानों का फार्मर आईडी तैयार हो चुका है।

बिहार कृषि मंत्री ने कहा कि, फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को तकनीक से जोड़ा जाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा। इससे पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में किसानों को आसानी होगी।

बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं

विजय सिन्हा ने कहा कि पंजीकरण के लिए किसानों को मात्र अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से दर्ज जमाबंदी की जानकारी देनी होगी। एक बार डिजिटल पहचान बन जाने के बाद, किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने राज्य के सभी किसानों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान के दौरान अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। विजय सिन्हा ने यह स्पष्ट किया कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निरंतर लाभ लेने के लिए भी यह डिजिटल पहचान अनिवार्य है।

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