NEET UG पेपर लीक मामले में एक दिलचस्प मोड़ सामने आया है। मामले के आरोपी यश यादव ने दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में आवेदन दाखिल कर परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति मांगी है। यश का कहना है कि उसे 21 जून को NEET UG परीक्षा में शामिल होना है और तैयारी जारी रखने के लिए अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है।
मंगलवार (2 जून) को CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी मंगिलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान यश यादव ने अदालत से अनुरोध किया कि उसे परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक किताबें और अध्ययन सामग्री रखने की इजाजत दी जाए।
15 जून तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। पिछली हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था।
जांच में लगातार हो रहे नए खुलासे
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG पेपर लीक मामले की जांच CBI द्वारा महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में की जा रही है। जांच के दौरान लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
हाल ही में CBI ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें लातूर का एक डॉक्टर भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर डॉ. शिरुरे ने तीन छात्रों को कथित तौर पर केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। इन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग संचालक का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है।
फिजिक्स पेपर लीक में फैकल्टी की भूमिका
CBI जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र कथित तौर पर आरोपी पी. वी. कुलकर्णी के माध्यम से हासिल किए गए थे। वहीं, दूसरा गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी के रूप में कार्यरत है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि तेजस शाह ने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के कथित रूप से लीक हुए फिजिक्स प्रश्न प्राप्त किए थे। मामले की जांच अभी जारी है और CBI पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
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