लखनऊ. अखिलेश यादव ने नई पीढ़ी के बहाने सत्ताधीशों पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि ‘अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को छिपाकर, एक ‘रिग्रेसिव सीक्रेट सोसाइटी’ अब अपने गंदे खेल नहीं खेल सकती. उनके तानाशाही चरित्र और उनकी गुप्त चालों का दोहरापन देश के सामने आना चाहिए. उनके छिपे हुए इरादे, राजनीतिक शब्दजाल, चालबाजी और चालाक साजिशों का पता लगाना होगा. ऐसी साजिशें जो दया, प्यार, सहनशीलता और साथ रहने की हमारी सामंजस्यपूर्ण विरासत के ताने-बाने के लिए खतरा हैं.’
अखिलेश ने लिखा कि ‘यह आने वाली नई प्रोग्रेसिव-पॉजिटिव पीढ़ी अब नेगेटिविटी को बर्दाश्त नहीं करेगी, क्योंकि यह उनके भविष्य और आज़ादी का सवाल है. वे इसे अपने समझदारी भरे, साइंटिफिक, सेक्युलर और डेमोक्रेटिक तरीके से आकार देंगे. कोई उन पर लगाम नहीं लगा सकता, कोई उन्हें बदनाम नहीं कर सकता, कोई उनकी आवाज़ नहीं दबा सकता, कोई उनकी सीमाएँ तय नहीं कर सकता.’
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अखिलेश ने आगे लिखा कि ‘नई पीढ़ी अपनी उड़ान और अपने आसमान की संवैधानिक सीमाएं जानते हैं. और कोई उन्हें किसी सांचे में नहीं ढाल सकता. वे दुनिया को देखने का अपना नज़रिया खुद बनाएंगे, जिसमें दुनिया भर में भाईचारा और सबके लिए बिना किसी भेदभाव के बराबरी और बराबर मौके वाले अच्छे माहौल और दोस्ताना भाईचारे में खुशहाल ज़िंदगी जीने के इज्ज़तदार तरीके शामिल हों.’


