अमृतसर। बैसाखी पर्व पर गुरुधामों के दर्शनों के लिए 10 अप्रैल को 3 हजार श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए 10 दिन का शेड्यूल जारी कर दिया है। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान रमेश सिंह अरोड़ा ने बताया कि जत्थे का अटारी-वाघा सीमा पहुंचने पर स्वागत किया जाएगा। 10 अप्रैल को जत्था पाकिस्तान पहुंचने के बाद 19 अप्रैल को वापस वतन लौटेगा।
10 अप्रैल को जत्था सीधे गुरुद्वारा ननकाना साहिब के दर्शनों के लिए रवाना होगा, 11 अप्रैल को गुरुद्वारा ननकाना साहिब के स्थानीय गुरुद्वारा साहिबान के दर्शनों, 12 अप्रैल को जत्था गुरुद्वारा पंजा साहिब में रात्रि ठहराव के बाद 13 अप्रैल को गुरुद्वारा पंजा साहिब में मुस्लिम धार्मिक स्थल बाबा वल्ली कंधारी के दर्शन करेगा।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को जत्था श्री अखंड पाठ के भोग के बाद गुरुद्वारा पंजा साहिब में होने वाले धार्मिक समागम में शमूलियत करेगा। 15 अप्रैल को जत्था गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए रवाना होगा, 16 को रात्रि ठहराव के बाद 17 को जत्था गुज्जरांवाला स्थित गुरुद्वारा रोडी साहिब पहुंचेगा। 18 को श्रद्धालु लाहौर स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब के दर्शन करेंगे और 19 को वतन लौटेंगे।

भारत में 13 और पाकिस्तान में 14 अप्रैल को मुख्य समागम
संशोधित नानकशाही कैलेंडर अनुसार, एसजीपीसी द्वारा खालसा पंथ का स्थापना दिवस बैसाखी पर्व पर 13 अप्रैल को मनाया जाएगा, जबकि पाकिस्तान में पर्व एक दिन बाद पुरात्न नानकशाही कैलेंडर अनुसार 14 अप्रैल को मनाया जाएगा।
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