अमृतसर। अमृतसर से एक दुखद खबर सामने आई है, जिसमें श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के एक जत्थे के साथ सोमवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर खड़ा एक पुराना विशाल पेड़ अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 13 वर्षीय अमृतधारी सिख बालक की मौत हो गई.मृतक की पहचान 13 वर्षीय राजप्रीत सिंह के रूप में हुई है.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आपको बता दें कि पंजाब में कुछ दिनों से बारिश का दौर चल रहा है, ऐसे में यह घटना लोगों को विचलित करने वाली साबित हुई है.
श्री हरिमंदिर साहिब जाने के लिए कर रहा था इंतजार
खबर है कि हरियाणा के सिरसा से करीब 15 श्रद्धालुओं का जत्था देर रात अमृतसर पहुंचा था. सभी श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के उद्देश्य से आए थे. रात करीब दो बजे जत्था रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से श्री हरिमंदिर साहिब जाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की निःशुल्क बस सेवा का इंतजार कर रहा था. इसी दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ा कई दशक पुराना विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा. पेड़ गिरने से वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. हादसे में 13 वर्षीय राजप्रीत सिंह इसकी चपेट में आ गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ का बड़ा हिस्सा सीधे बालक पर गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं. चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

पुलिस मौके पर मौजूद
आपको बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को सुरक्षित किया और मामले की जांच शुरू कर दी. राजकीय रेलवे पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक बगीचा सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया जाएगा.
- आपातकाल की वर्षगांठ पर भाजपा की बड़ी तैयारी, प्रदेशभर में होंगे सम्मेलन, राजधानी में लोकतंत्र सेनानियों का होगा सम्मान
- सागर में टाइगर का हमला: जंगल में घूमने गए युवक पर किया अटैक, गंभीर घायल
- कैथल में पुलिस-लुटेरे की मुठभेड़: ASI पर चलाई गोली, जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी निरंजन उर्फ माल्टा गिरफ्तार
- तमिलनाडु गैस रिसाव त्रासदी : ओडिशा के 5 श्रमिकों की मौत, मुख्यमंत्री माझी ने किया मुआवजे का ऐलान
- पिपरा कोठी में वाटर पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण पर बवाल, किसानों ने भरी हुंकार – जान देंगे, पर जमीन नहीं छोड़ेंगे
