अमृतसर। अमृतसर के वेयरहाउस जिला मजिस्ट्रेट (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में घिरे पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आज रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें दोबारा अमृतसर की अदालत में पेश किया गया, जहाँ कोर्ट ने उन्हें तीन दिनों की और पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
बता दें कि वेयरहाउस डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने बीते 21 मार्च को अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। इस घटना के बाद पुलिस ने लालजीत भुल्लर, उनके पिता और निजी सहायक (PA) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने और चौतरफा दबाव के बाद भुल्लर को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अमृतसर पुलिस ने हाल ही में फतेहगढ़ साहिब पुलिस की मदद से उन्हें मंडी गोविंदगढ़ से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने कोर्ट में पेश किए सबूत
इससे पहले अदालत ने पुलिस को भुल्लर की पांच दिन की रिमांड दी थी। आज रिमांड की मियाद खत्म होने पर पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और पूछताछ से मिली महत्वपूर्ण जानकारी अदालत के समक्ष रखी। पुलिस का तर्क है कि मामले की गहराई से जांच और साजिश के अन्य पहलुओं को सुलझाने के लिए आरोपियों से और पूछताछ जरूरी है, जिसके आधार पर कोर्ट ने तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर की। लालजीत भुल्लर का विवादों से पुराना नाता रहा है।

इससे पहले भी वह लाल किला हिंसा, जातिसूचक टिप्पणियों और मंत्री बनने के बाद किए गए स्टंटों को लेकर चर्चा में रहे हैं। हालांकि, पिछले मामलों में उन्हें पार्टी और सरकार का समर्थन मिलता रहा, लेकिन इस बार एक अधिकारी की मौत के गंभीर मामले ने उन्हें सीधे कानूनी शिकंजे में ला खड़ा किया है।
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