राकेश चतुर्वेदी, भोपाल/बैतूल। शहर में इंसान और उसके पालतू साथी के अटूट रिश्ते की एक भावुक घटना सामने आई है। यहां 67 वर्षीय प्रदीप जैन के निधन के बाद उनके 15 साल पुराने पालतू डॉग “डुग्गू” ने भी अंतिम यात्रा के दौरान दम तोड़ दिया। इस मार्मिक दृश्य ने अंतिम यात्रा में मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।
पूरी रात बेचैन रहा और आवाजें निकालता रहा
सिविल लाइन निवासी प्रदीप जैन का भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। वे पिछले आठ दिनों से बीमार थे। उनका पार्थिव शरीर बैतूल लाया गया, जहां परिजन और परिचित अंतिम दर्शन के लिए जुटे। इस दौरान उनका पालतू डॉगी डुग्गू लगातार अपने मालिक के पार्थिव शरीर के पास रहने की कोशिश करता रहा। परिजनों ने उसे दूसरे कमरे में रखा, लेकिन वह पूरी रात बेचैन रहा और लगातार आवाजें निकालता रहा।
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डॉग को मोक्षधाम परिसर में दफनाया
अगले दिन जब प्रदीप जैन की अंतिम यात्रा शुरू हुई तो डुग्गू भी अर्थी के पीछे-पीछे चल पड़ा। कुछ दूर चलने के बाद उसकी सांसें उखड़ गईं और उसने भी दम तोड़ दिया। यह देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। इसके बाद परिजनों ने डुग्गू को भी सम्मानपूर्वक विदाई दी। प्रदीप जैन का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया गया, जबकि डुग्गू को गंज मोक्षधाम परिसर के पास दफनाया गया।
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उसने अपने मालिक का साथ नहीं छोड़ा
प्रदीप जैन के छोटे भाई दिलीप जैन ने बताया कि डुग्गू पिछले 15 वर्षों से परिवार का हिस्सा था। वह अपने मालिक से बेहद जुड़ा हुआ था और उनके घर लौटते ही दौड़कर उनके पास पहुंच जाता था। परिवार के अनुसार, प्रदीप जैन की तबीयत खराब होने पर डुग्गू भी उदास और बीमार रहने लगता था। आखिरी समय तक उसने अपने मालिक का साथ नहीं छोड़ा। इस घटना ने एक बार फिर इंसान और पशु के बीच निस्वार्थ प्रेम, वफादारी और अपनापन का अनोखा उदाहरण पेश किया।
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