अजय सैनी. भिवानी। नगर परिषद के अधिकारियों के ढुलमुल रवैए और लापरवाही के खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पिछले चार सालों से लगातार शिकायतें करने के बाद भी जब नगर परिषद के अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली, तो परेशान होकर लोगों को सरकार के विशेष समाधान शिविर (Samadhan Shivir) का दरवाजा खटखटाना पड़ा। गुरुवार को आयोजित इस शिविर में वार्ड नंबर 20 के पार्षद प्रदीप कौशिक के नेतृत्व में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन यानी आरडब्ल्यूए (RWA) के पदाधिकारियों ने उपायुक्त को एक लिखित शिकायत सौंपी। नागरिकों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतें सीधे डस्टबिन में डाल दी जाती हैं।

टूटी सडक़ें और अधूरे निर्माण से लोग परेशान

समाधान शिविर में दी गई शिकायत में सेवा नगर कॉलोनी और वार्ड नंबर 20 की बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। पार्षद प्रदीप कौशिक ने बताया कि ग्वार फैक्ट्री के पीछे सेवा नगर कॉलोनी में दयानंद की दुकान से लेकर बाईपास तक जाने वाली मुख्य सडक़ पूरी तरह टूट चुकी है। इस रोड पर इतने गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि आए दिन बाइक और स्कूटर सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके अलावा मीनू वाटिका के पीछे वाली गली को भी नगर परिषद ने आधा बनाकर बीच में ही छोड़ दिया है। इस अधूरी सडक़ के कारण पूरी कॉलोनी का रास्ता ब्लॉक हो गया है और लोगों का निकलना दूभर है।

10 साल से टूटी है दुर्गा बूस्टर की दीवार, आवारा पशुओं का डेरा

कॉलोनी की एक और बड़ी समस्या पानी के दुर्गा बूस्टर (Water Booster) स्टेशन से जुड़ी है। पिछले करीब 10 सालों से इस बूस्टर स्टेशन की चारदीवारी टूटी पड़ी है। बाउंड्री वॉल न होने के कारण यहां दिन-भर आवारा पशु घूमते रहते हैं और रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। सुरक्षा की कोई व्यवस्था न होने से पूरी कॉलोनी के लोग डरे हुए हैं और महिलाएं शाम के समय वहां से निकलने में कतराती हैं। हाउस मीटिंग में इस मुद्दे को कई बार उठाने के बाद भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

ग्रीन बेल्ट पर बार-बार कब्जा, पक्के निर्माण की मांग

आरडब्ल्यूए सेवा नगर के प्रधान सुरेंद्र राणा और सदस्य भजनलाल दिसोदिया ने बताया कि इलाके की तीन प्रमुख ग्रीन बेल्ट (Green Belt) यानी पार्कों के लिए छोड़ी गई खाली जमीन पर बार-बार कब्जे की कोशिश होती है। प्रशासन हर बार आकर अवैध निर्माण हटा देता है, लेकिन कुछ दिनों बाद लोग फिर से वहां अतिक्रमण कर लेते हैं। कॉलोनी वासियों ने मांग की है कि इन तीनों ग्रीन बेल्टों की बाउंड्री करके वहां पक्का निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम कराया जाए, ताकि लोगों को पार्क की सुविधा मिल सके।

जल्द काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी

पार्षद और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि पिछले चार सालों से वे केवल नगर परिषद के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्त द्वारा लगाया गया यह समाधान शिविर अब उनके लिए न्याय की आखिरी उम्मीद है। यदि इस बार भी टूटी सडक़ों, ग्रीन बेल्ट के सौंदर्यीकरण और बूस्टर स्टेशन की दीवार का काम जल्द शुरू नहीं कराया गया, तो वे पूरी कॉलोनी की जनता को साथ लेकर नगर परिषद के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।