2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा (Ankit Sharma) की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) ने अब दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का रुख किया है। उन्होंने कड़कड़डूमा कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। ताहिर हुसैन ने अपनी याचिका में दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा, दोनों को चुनौती दी है। उनकी अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई कर सकता है। अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा है।

2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान दयालपुर इलाके में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ था। इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 लोगों को दोषी ठहराया था। कड़कड़डूमा कोर्ट ने 3 जुलाई को ताहिर हुसैन और 4 अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 31 जुलाई को अदालत ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जबकि बाकी चार दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ ताहिर हुसैन ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है। उन्होंने अपनी दोषसिद्धि के साथ-साथ उम्रकैद की सजा को भी चुनौती दी है। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।

पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन ने अंकित शर्मा हत्या मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई उम्रकैद की सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ याचिका दायर की है। इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। कड़कड़डूमा कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने अदालत से बाहर निकलते समय मीडिया से कहा था कि वह फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने उस समय कहा था कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। मीडिया से बातचीत में ताहिर हुसैन ने कहा था- ‘देर है, अंधेर नहीं।’

अंकित शर्मा हत्या मामले में 5 दोषियों को मिली सजा

अंकित शर्मा हत्या मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को सजा सुनाई थी। मामले में दिल्ली पुलिस और दोषियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 27 जुलाई को सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन और चार सह-आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद सभी दोषियों की सजा पर सुनवाई हुई। अदालत ने जिन पांच आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई, उनमें ताहिर हुसैन, नजीर, आसिम, जावेद और अनस शामिल हैं। पांचों को मामले में दोषी पाए जाने के बाद अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अब ताहिर हुसैन ने निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।

दोषियों को फांसी देने की मांग

अंकित शर्मा हत्या मामले में अभियोजन पक्ष ने कड़कड़डूमा कोर्ट से ताहिर हुसैन समेत सभी पांच दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की थी। विशेष लोक अभियोजक (SPP) मधुकर पांडे ने दलील दी कि हत्या बेहद जघन्य और असामाजिक अपराध था और यह ‘दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है। अभियोजन पक्ष ने अंकित शर्मा के शरीर पर मिली चोटों का भी हवाला दिया। SPP के मुताबिक, उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान पाए गए थे, जिनमें से सात चोटें ऐसी थीं जो मौत का कारण बनने के लिए पर्याप्त थीं। अभियोजन ने अदालत के सामने तर्क दिया कि अंकित शर्मा ने हमलावरों को किसी तरह उकसाया नहीं था। SPP ने कहा कि आरोपियों ने सजा की परवाह किए बिना अपराध किया और इसलिए वे मृत्युदंड के हकदार हैं। वहीं, ताहिर हुसैन की ओर से पेश वकील राजीव मोहन ने अभियोजन की मौत की सजा की मांग का विरोध किया। बचाव पक्ष ने अदालत से मामले में नरम रुख अपनाने का आग्रह किया था।

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