कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) की नवनियुक्त कुलपति डॉ. कल्पना शर्मा की नियुक्ति का मामला अब देश की चौखट से निकलकर कानूनी पचड़े में फंस गया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने डॉ. कल्पना शर्मा की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार सहित 6 विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। माननीय न्यायालय ने सभी पक्षों से 04 सप्ताह (एक महीने) के भीतर जवाब तलब किया है।

चयन प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

हाईकोर्ट में दायर की गई इस याचिका में कुलपति के चयन की पूरी प्रक्रिया पर ही गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस नियुक्ति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC रेगुलेशन-2018) के कड़े नियमों और दिशानिर्देशों को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया।

याचिका में लगाए गए मुख्य आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि डॉ. कल्पना शर्मा कुलपति पद के लिए अनिवार्य 10 साल के प्रोफेसर पद के अनुभव की अनिवार्य शर्त को पूरा नहीं करती हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में योग्यता और नियमों को दरकिनार कर मेरिट लिस्ट में दूसरे नंबर के उम्मीदवार को सीधे कुलपति की कुर्सी पर बैठा दिया गया।

नियुक्ति रद्द करने की मांग
याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि नियमों के खिलाफ जाकर की गई इस पूरी चयन प्रक्रिया और कुलपति की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त (रद्द) किया जाए।

6 विभागों से मांगा जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार (खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय), LNIPE प्रबंधन और सर्च कमेटी से जुड़े कुल 6 उत्तरदाताओं को नोटिस थमाया है। अब देखना यह होगा कि आगामी 4 हफ्तों में केंद्र सरकार और संबंधित विभाग इस पर क्या जवाब दाखिल करते हैं, क्योंकि इस फैसले पर देश के सबसे प्रतिष्ठित शारीरिक शिक्षा संस्थान की साख टिकी हुई है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m