Lifestyle Desk – भारतीय घरों में सदियों से तांबे के बर्तन में पानी रखने और पीने की परंपरा चली आ रही है. आयुर्वेद में भी तांबे के पात्र में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है. माना जाता है कि तांबे के बर्तन में 6 से 8 घंटे तक रखा पानी कॉपर आयन ग्रहण कर लेता है, जो शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचा सकता है. हालांकि, किसी भी अच्छी आदत की तरह इसका सही तरीके से पालन करना बेहद जरूरी है. अगर तांबे के बर्तन का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जाए, तो यह स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है. तांबे के बर्तन में रखा पानी सीमित मात्रा में और सही तरीके से पीना चाहिए. आइए जानते हैं वे गलतियां, जिन्हें करने से बचना चाहिए.

लंबे समय तक तांबे के बर्तन में पानी न रखें

कई लोग एक बार पानी भरकर कई दिनों तक उसी बर्तन का इस्तेमाल करते रहते हैं. यह आदत सही नहीं मानी जाती. विशेषज्ञों का कहना है कि तांबे के बर्तन में पानी 6 से 12 घंटे तक रखना पर्याप्त होता है. अत्यधिक लंबे समय तक रखा पानी पीने से शरीर में कॉपर की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है.

खट्टे पदार्थ तांबे के बर्तन में न रखें

तांबे के बर्तन में नींबू पानी, इमली का पानी, सिरका, संतरे का जूस या अन्य खट्टे पदार्थ रखने से बचना चाहिए. खट्टे तत्व तांबे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिससे हानिकारक यौगिक बनने की संभावना रहती है. ऐसे पेय पदार्थों का सेवन पेट संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है.

जरूरत से ज्यादा पानी न पिएं

कुछ लोग यह सोचकर पूरे दिन सिर्फ तांबे के बर्तन का पानी पीते रहते हैं कि इससे अधिक लाभ मिलेगा. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी चीज की अधिकता नुकसान पहुंचा सकती है. रोजाना सीमित मात्रा में ही तांबे के बर्तन का पानी पीना चाहिए. शरीर में कॉपर की अधिकता होने पर मतली, पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

बर्तन की नियमित सफाई जरूरी

तांबे के बर्तन की समय-समय पर सफाई करना बेहद जरूरी है. अगर बर्तन की सफाई नहीं की जाती, तो उसकी सतह पर हरे या काले रंग की परत जम सकती है. यह परत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है. तांबे के बर्तन को साफ करने के लिए नींबू और नमक या बाजार में उपलब्ध कॉपर क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है. सफाई के बाद बर्तन को अच्छी तरह धोना भी जरूरी है.

तुरंत पानी भरकर न पिएं

तांबे के बर्तन में पानी भरते ही उसे पी लेना फायदेमंद नहीं माना जाता. पानी को कुछ घंटों तक बर्तन में रहने देना चाहिए, ताकि उसमें कॉपर आयन पर्याप्त मात्रा में मिल सकें. आमतौर पर रातभर पानी रखकर सुबह पीना बेहतर माना जाता है.

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

जिन लोगों को पहले से लिवर संबंधी समस्याएं हैं या शरीर में कॉपर के स्तर से जुड़ी कोई चिकित्सीय स्थिति है, उन्हें तांबे के बर्तन का पानी नियमित रूप से पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी संतुलित मात्रा में ही इसका सेवन उचित माना जाता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो तांबे के बर्तन का पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है. लेकिन इसके उपयोग से जुड़ी छोटी-छोटी सावधानियों को नजरअंदाज करना फायदे की जगह नुकसान का कारण बन सकता है. इसलिए तांबे के बर्तन का इस्तेमाल सोच-समझकर और संतुलित तरीके से करना ही बेहतर है.