सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बालसमंद क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल की मांग पर लाडवी-सिसवाला सर्वे के आदेश जारी किए हैं। इससे क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल और नहरी पानी की समस्या हल होगी।
विनोद सैनी, हिसार। बालसमंद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए एक बड़ी सफलता सामने आई है। क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से मुलाकात कर लंबे समय से चली आ रही नहरी पानी की समस्या को प्रमुखता से रखा। मंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए लाडवी से सिसवाला हेड तक तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में सिंचाई विभाग के ईआईसी चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसानों की प्रमुख मांग किशनगढ़ ब्रांच नहर को बालसमंद से जोड़ना है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे स्वर्गीय चौधरी सुरेन्द्र सिंह का अधूरा सपना बताया, जिसे पूरा करने के लिए मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।

किसानों की प्रमुख मांगों पर चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में कई अहम मांगें रखीं, जिनमें लाडवी के पास से किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद नहर से जोड़ना और सिसवाला हेड पर कम से कम 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक रीमॉडलिंग और बालसमंद सब ब्रांच की क्षमता बढ़ाने की भी मांग की गई। बसड़ा नंबर-2 परियोजना के लिए 8.74 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति देने और मानसून अवधि के दौरान बढ़नपुर एवं राजथल हेड पर पर्याप्त पानी सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्रुति चौधरी ने राजस्थान जाने वाली पाइपलाइन से 150 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करने का भी भरोसा दिलाया है।

समस्याओं के स्थायी समाधान की उम्मीद
वरिष्ठ किसान नेता कुरड़ा राम नंबरदार ने कहा कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों का सवाल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि लाडवी-सिसवाला लिंक योजना धरातल पर आती है, तो बालसमंद, बुडाक, डोभी, सुंडावास, बांडाहेड़ी और सरसाना सहित पूरे क्षेत्र की पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। पारस लौरा ने इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। ग्रामीणों में इस फैसले के बाद खुशी की लहर है और उन्हें विश्वास है कि सरकार के इस कदम से चौधरी सुरेन्द्र सिंह का सपना साकार होगा। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें सर्वे रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जो क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करेगी।

