नवीन शर्मा,हांसी | हांसी बार एसोसिएशन के प्रधान पवन रापड़िया ने समाज में बढ़ रही जातिवादी और विभाजनकारी टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी जाति या समुदाय को निशाना बनाकर अपमानजनक टिप्पणी करना सामाजिक सौहार्द के लिए घातक है। ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगनी चाहिए और सभी नागरिकों को समान सम्मान मिलना चाहिए।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पवन रापड़िया ने कहा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति भारतीय है। देश के विभाजन के समय पाकिस्तान से आए लाखों लोगों ने अपनी जमीन-जायदाद और संपत्ति छोड़कर भारत को अपना देश चुना था। उन परिवारों ने राष्ट्र निर्माण और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में किसी भी समुदाय को उसकी पृष्ठभूमि के आधार पर अपमानित करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिसका जन्म भारत में हुआ है, वह भारतीय है और जो लोग सब कुछ छोड़कर भारत आए और यहां बस गए, वे भी पूर्ण रूप से भारतीय हैं। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों का सम्मान आवश्यक है।

संविधान की भावना के खिलाफ हैं जातिवादी टिप्पणियां

बार एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि कुछ लोग जातिवादी मानसिकता के चलते विशेष समुदायों के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं, जो न केवल सामाजिक भाईचारे को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि संविधान की मूल भावना के भी विपरीत हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से जातिगत और सामुदायिक टिप्पणियों से बचने तथा आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

हिसार के मामले का भी किया जिक्र

पवन रापड़िया ने कहा कि हाल ही में हिसार में एक युवक के साथ फोन पर कथित तौर पर जातिसूचक और अभद्र टिप्पणी का मामला सामने आया था। पीड़ित युवक ने इस संबंध में हिसार और हांसी के पुलिस अधीक्षकों को शिकायत भी दी थी।

उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हरियाणा में कई बार विशेष जातियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले सामने आ चुके हैं। इस विषय को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी अपने कार्यकाल के दौरान चिंता जता चुके हैं।

एकता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने की अपील

रापड़िया ने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां विभिन्न जाति, धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे में समाज को बांटने वाली सोच को बढ़ावा देने के बजाय एकता, समानता और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।