कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। जिले में कानून-व्यवस्था, लोक शांति और सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान ने आदेश जारी करते हुए पूरे जिले में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस निकालने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू किया गया है और अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा।
कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य
जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई संगठन या व्यक्ति किसी भी प्रकार का आयोजन करना चाहता है, तो उसे पहले अनुमति लेनी होगी। एक अनुविभाग (Sub-Division) के लिए: यदि कार्यक्रम किसी एक ही अनुविभाग की सीमा में है, तो संबंधित SDM से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। एक से अधिक अनुविभाग के लिए: यदि कार्यक्रम का दायरा एक से अधिक अनुविभागों में है, तो इसके लिए ADM (अपर जिला दंडाधिकारी) से लिखित अनुमति लेनी होगी।
‘डिजिटल’ नजर, भड़काऊ पोस्ट पर होगी सीधी कार्रवाई
प्रशासन ने सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त हिदायत दी है। भड़काऊ, भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर आईटी सेल और पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। यदि कोई भी व्यक्ति धर्म, जाति या संप्रदाय की भावनाएं आहत करने वाली पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन पर दर्ज होगी FIR
यह फैसला विशेष रूप से शहर के बाजारों, मॉल्स और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए लिया गया है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संगठन इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने ग्वालियर के सभी आम नागरिकों से शहर में शांति, सौहार्द और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

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