Bankipur by-election: नितिन नबीन के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई बांकीपुर सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है। बांकीपुर उपचुनाव में एक अहम मोड़ उस समय आया है, जब बीते शुक्रवार (10, जुलाई) की शाम भाजपा प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा बंटी ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अचानक अपना नामांकन वापस लेते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। वहीं, अब अभिषेक सिन्हा के नामांकन वापस लेने पर उनके पिता रवींद्र प्रसाद की प्रतिक्रिया सामने आई है।
अभिषेक सिन्हा के पिता ने बताया साजिश
अभिषेक सिन्हा के पिता रवींद्र प्रसाद ने मीडिया से बातचीत के दौरान इसे एक साजिश बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह किसका षडयंत्र है। वह नहीं कह सकते, लेकिन चुनाव के दौरान माता-पिता का केस (चारा घोटाला) उभारा गया, जिससे हम परिवार के लोग काफी आहत हैं।
उन्होंने कहा कि अभिषेक ने माता-पिता की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए यह कदम उठाया है, जब उसे पता चला कि उसके मात-पिता का नाम चारा घोटाले से जोड़ा जा रहा है, जिसके बाद अभिषेक ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
अभिषेक सिन्हा के पिता ने स्वीकार की घोटाले की बात
हालांकि अभिषेक सिन्हा के पिता रवींद्र प्रसाद ने यह बात भी स्वीकार किया की चारा घोटाला मामले में सीबीआई ने उनका नाम फाइनल किया है। उन्हें सजा भी हो चुकी है और वह बेल पर हैं। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी किया है। उनके खिलाफ 11 लाख घोटाला का आरोप है, कोई लंबा चौड़ा नहीं….रवींद्र प्रसाद ने कहा कि मीडिया में मेरे बारे में 125 करोड़ का घोटाला दिखाया जा रहा है। चुनाव बाद वे उन चैनलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। पार्टी और मेरे बेटे अभिषेक सिन्हा के छवि को खराब करने के लिए यह सब षडयंत्र किया गया है।
बड़ों की बात कुछ और होती है….
रवींद्र प्रसाद ने आगे कहा कि, हम लोग मीडिल परिवार से आते हैं। बड़ों की बात कुछ और होती है। मेरा बेटा अभिषेक 26 वर्षों से संघर्ष करता रहा, पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता रहा। लेकिन माता-पिता के चलते नामांकन वापस लिया। हम लोग काफी दुखी हैं।
जानें क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए भाजपा ने अभिषेक सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि अभिषेक सिन्हा को उम्मीदवार बनाने के साथ ही उनके पारिवारिक बैकग्राउंड को लेकर सवाल उठने लगे। अभिषेक सिन्हा के माता-पिता का नाम बिहार के चर्चीत चारा घोटाला से जोड़ा जाने लगा, बीजेपी जिसका विरोध करती रही है। जब पार्टी स्तर पर इसकी समीक्षा की गई, तो पता चला कि उनके पिता रवींद्र प्रसाद और मां चंचला सिन्हा चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में सीबीआई द्वारा दोषी ठहराए जा चुके हैं।
CBI ने सुनाई है 2-2 साल की सजा
रवींद्र प्रसाद मैसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन में मैनेजर थे। सीबीआई जांच में उन पर सरकारी खजाने से फर्जी निकासी और वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप साबित हुआ। वहीं, फर्म की प्रोपराइटर चंचला सिन्हा (अभिषेक सिन्हा की मां) को भी मामले में दोषी पाया गया। सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों को दो-दो साल के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
बीजेपी ने नीरज सिन्हा को बनाया नया उम्मीदवार
कहा जा रहा है कि जब यह पूरा मामला बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में आया तो उनके होश उड़ गए। शीर्ष नेतृत्व ने तुरंत अभिषेक सिन्हा को नामांकन वापस लेने का निर्देश दिया, जिसके बाद उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए बांकीपुर उपचुनाव लड़ने से इंकार करते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। बीजेपी ने अब उनकी जगह नीरज सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो कल 13 जुलाई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
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