कुंदन कुमार, पटना। ​बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों ने सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कुल 31 राउंड में होने वाली इस गिनती के छठे राउंड के बाद राजनीतिक समीकरण दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गए हैं। सुरक्षा के कड़े पहरे और ड्रोन कैमरों की निगरानी के बीच एएन कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पर वोटों की गिनती का काम तेजी से चल रहा है।

​छठे राउंड के चुनावी आंकड़े

​प्रत्याशियों के बीच कड़े मुकाबले की स्थिति बनी हुई है। छठे राउंड की समाप्ति के बाद वोटों की स्थिति इस प्रकार है:

  • ​प्रशांत किशोर (जनसुराज): जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी बढ़त बरकरार रखी है। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 3451 वोटों से आगे चल रहे हैं।
  • ​नीरज सिन्हा (बीजेपी): भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा 8152 मतों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।
  • ​रेखा गुप्ता (राजद): राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा गुप्ता फिलहाल पिछड़ती नजर आ रही हैं। उन्हें अब तक मात्र 1534 वोट ही मिले हैं।

​इस उपचुनाव में मैदान में कुल 25 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से इन्हीं प्रमुख दलों के बीच सिमटता दिख रहा है।

​मतगणना केंद्र पर सुरक्षा और हाईलाइट्स

  • ​सुरक्षा व्यवस्था: काउंटिंग सेंटर पर सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मतगणना की निगरानी ड्रोन के जरिए की जा रही है।
  • ​संदिग्ध वस्तु: मतगणना के दौरान एएन कॉलेज स्थित केंद्र पर एक संदिग्ध बैग मिलने से थोड़ी देर के लिए हड़कंप मच गया था।
  • ​जश्न की तैयारी: चुनाव के आधिकारिक परिणाम आने से पहले ही बीजेपी खेमे में उत्साह देखा जा रहा है। बीजेपी नेता कल्लू ने अपनी जीत के प्रति आश्वस्त होते हुए 200 किलो लड्डू बनवाए हैं।

​कम मतदान ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की बेचैनी

​बांकीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसमें केवल 34.30% वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा साल 2025 के विधानसभा चुनाव के 41.39% मतदान से लगभग 7 प्रतिशत कम है।
​शहरी क्षेत्र होने के कारण कम मतदान होना आम माना जा रहा है, लेकिन इसने पार्टियों की बेचैनी बढ़ा दी है:

  • बीजेपी का आकलन: पार्टी इसे अपने पारंपरिक मतदाताओं की कम सक्रियता के रूप में देख रही है।
  • ​जनसुराज का दावा: कम मतदान को बदलाव के पक्ष में ‘शांत वोटिंग’ का संकेत बताया जा रहा है।
  • ​राजद का तर्क: पार्टी का मानना है कि उनके समर्थक मतदाता पूरी निष्ठा के साथ मतदान में शामिल हुए हैं।